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12वीं के बाद क्या हो सकते हैं शानदार करियर? | 12वीं के बाद करियर (career) के विकल्प (options)


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12वीं की एग्जाम खत्म होने के बाद स्टूडेंट्स रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे है। साथ ही एडमिशन को लेकर भी चिंतित है। पहले कोर्स काफी कम हुआ करता था। जिसके कारण स्टूडेंट्स तुरंत डिसाइड कर लेते थे कि कौन सा कोर्स करना है। लेकिन आज स्टूडेंट्स के पास विकल्पों का भरमार है।

12वीं के बाद क्या करें और क्या न करें, सबके मन में यही सवाल होता है। अगर आप 12वीं क्लास में हैं और यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि इसके बाद क्या करें तो आप परेशान न हों। हम आपको कुछ ऐसे career options बताएँगे, जो निसंदेह आपको अपने जीवन की दिशा निर्धारित करने में मदद करेंगे। कोई भी करियर चुनने से पहले ध्यान में रखें कुछ बातें, जैसे –

1. अपनी रूचि को पहचाने –

कोई भी करियर चुनने से पहले आप अपनी रूचि को पहचानें। आपको किस काम में दिलचस्पी है, वो पता चलने पर आप उसके हिसाब से अपना करियर चुन सकते हैं। हर इंसान की अपनी एक अलग पसंद होती है, किसी को सिंगर बनना है तो किसी को डान्सर, कोई खिलाड़ी बनना चाहता है तो कोई डिज़ाइनर, किसी को अध्यापक बनना है तो किसी को डॉक्टर। इसलिए सबसे पहले अपनी रुचि और प्रतिभा को पहचाने और फिर कोई करियर चुनें।

2. बड़ों की सलाह लें –

करियर चुनना कोई छोटी मोटी बात नहीं है और 12वीं में पढ़ता बच्चा इतना भी सक्षम नहीं होता कि अकेले सारे बड़े फ़ैसले कर सके। 12वीं में पढ़ता बच्चा वैसे ही करियर चुनने को लेकर कन्फ़्यूज़ हुआ होता है, इसलिए बेहतर होगा की आप अपने करियर की दिशा चुनने में अपने परिवार व शिक्षकों की सहायता लें।

3. इंटरनेट की मदद लें –

अपनी रुचि का विषय चुन लेने के बाद अगर आपको पता नहीं चल रहा है कि इस विषय के साथ आप कौन कौन से क्षेत्र में जा सकते हैं या कौन सा क्षेत्र आपके करियर के लिए फायदेमंद होगा तो इसके लिए आप इंटरनेट की मदद ले सकते हैं। अधिक से अधिक इंटरनेट पर सर्च करें। आज के इस दौर में इंटरनेट के ज़रिये तो सारी जानकारी जुटाई जा सकती है। अगर आपको किसी क्षेत्र के बारें में कम ज्ञान है तो इंटरनेट पर उसके बारे में पूरी जानकारी में प्राप्त कर सकते हैं।

क्या ना करें?

  • लुभावने विज्ञापनों से प्रभावित न हों।
  • दूसरों की देखा देखी courses बिल्कुल भी ना चुनें।
  • बढ़ती डिमांड को देखते हुए कोर्स ना चुनें, वरना भविष्य में आपकी सफलता संदिग्ध हो जाएगी।
  • किसी संस्थान की मान्यता जाने बिना वहाँ admission ना लें और ठगी का शिकार होने से बचें।

अब हम यहाँ आपको 12वीं के बाद के तमाम प्रमुख करियर विकल्पों के बारे में बताने जा रहे हैं। लेकिन किसी भी राह को चुनने से पहले आपको अपनी क्षमता, रुचि और भविष्य में रोजगार मिलने की संभावना पर जरूर विचार कर लेना चाहिए।

12 वीं के बाद करियर के क्या क्या विकल्प है?

# Science courses –

अगर आप science के विद्यार्थी हैं तो 12वीं के बाद किसी अच्छे कॉलेज से बीएससी (पास) या बीएससी (ऑनर्स) कर सकते हैं। आज कल बायोटेक्नॉलजी, जेनेटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स विषयों में भी ग्रैजुएशन करने का विकल्प हैं। 12वीं के बाद इंजिनियरिंग या मेडिकल कोर्स सब science विद्यार्थियों की पहली पसंद होती है, लेकिन इसके लिए एंट्रेंस एग्जाम को पास करना जरूरी होता है। कुछ स्‍टूडेंट्स ऐसे भी हैं, जो डॉक्‍टर, इंजीनियर तो बनना नहीं चाहते लेकिन उन्‍हें इसके अलावा दूसरा कोई अॉप्‍शन भी समझ में नहीं अाता है और करियर को लेकर कंफ्यूज रहते हैं। हम यहां पर अापको कुछ ऐसे ही अॉप्‍शंस के बारे में बता रहे हैं जो science स्टूडेंट्स चुन सकते हैं –

नैनो-टेक्नोलॉजी :

12वीं के बाद नैनो टेक्‍नोलॉजी में बीएससी या बीटेक और उसके बाद इसी विषय में एमएससी या एमटेक करके इस क्षेत्र में शानदार करियर बनाया जा सकता है।

Environmental साइंस :

इस स्ट्रीम में पर्यावरण पर इंसानी गतिविधियों से होने वाले असर का अध्ययन किया जाता है। इसके तहत इकोलॉजी, वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट, पॉल्यूशन कंट्रोल और डिज़ास्टर मेनेजमेंट जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं।

वॉटर साइंस :

यह जल की सतह से जुड़ा विज्ञान है। इसमें हाइड्रोमिटियोरोलॉजी, हाइड्रोजियोलॉजी, ड्रेनेज बेसिन मैनेजमेंट, वॉटर क्वॉलिटी मैनेजमेंट, हाइड्रोइंफॉर्मेटिक्स जैसे विषयों की पढ़ाई करनी होती है। हिमस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए इस क्षेत्र में रिसर्चर्स की डिमांड बढ़ रही है।

स्पेस साइंस :

इस क्षेत्र में बहुत ज़्यादा संभावनाएँ हैं। इसके तहत कॉस्मोलॉजी, स्टेलर साइंस, प्लैनेटरी साइंस, ऐस्ट्रोनोमी जैसे कई विकल्प आते हैं। इसमें तीन साल की बीएससी और चार साल के बीटेक से लेकर पीएचडी तक के कोर्स खास तौर पर इसरो और बेंगलुरु स्थित IISC में कराए जाते हैं।<

एस्ट्रो-फिजिक्स :

अगर आप सितारों और गैलेक्‍सी में दिलचस्पी रखते हैं तो 12वीं के बाद एस्ट्रो-फिजिक्स में अपना करियर बना सकते हैं। इसके लिए पांच साल के रिसर्च ओरिएंटेड प्रोग्राम (एमएस इन फिजिकल साइंस) और चार या तीन साल के बैचलर्स प्रोग्राम (बीएससी इन फिजिक्स) होता है। एस्ट्रोफिजिक्स में डॉक्टरेट करने के बाद आप इसरो जैसे रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन में साइंटिस्ट बन सकते हैं।

रोबोटिक साइंस :

रोबोटिक साइंस का इस्तेमाल इन दिनों तकरीबन सभी क्षेत्रों में होने लगा है। जैसे- हार्ट सर्जरी, कार असेम्बलिंग, लैंडमाइंस इत्यादि। 12वीं के बाद कम्प्यूटर साइंस से ग्रैजूएशन करके ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, एडवांस्‍ड रोबोटिक्स सिस्टम जैसे स्पेशलाइजेशन कोर्स कर सकते हैं। रोबोटिक में एमई की डिग्री हासिल कर चुके स्टूडेंट्स को इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्‍थान में रिसर्च वर्क की नौकरी मिल सकती है।

माइक्रो-बायोलॉजी :

इस क्षेत्र में जाने के लिए 12वीं के बाद बीएससी इन लाइफ साइंस या बीएससी इन माइक्रो-बायोलॉजी कोर्स कर सकते हैं। इसके बाद मास्टर डिग्री और पीएचडी का भी विकल्प भी है। इसके अलावा पैरामेडिकल, मरीन बायोलॉजी, behavioural साइंस, फिशरीज साइंस जैसे कई क्षेत्र हैं, जिनमें साइंस में रुचि रखने वाले स्टूडेंट्स अच्छा करियर बना सकते हैं।

# Commerce (कॉमर्स) courses –

अगर आप commerce के विद्यार्थी हैं तो 12वीं के बाद आप बीकॉम पास और बीकॉम (ऑनर्स) कर सकते हैं। कॉमर्स कोर्स चुनने वालों के लिए भविष्य में एमबीए, सीएस, सीए, फाइनैंशल ऐनालिस्ट जैसे तमाम करियर के दरवाजे खुल जाते हैं।

# Arts courses –

आर्ट्स में ऐसे कई विषय हैं, जिनकी पढ़ाई करके आप सरकारी और निजी क्षेत्रों में अच्छा मुकाम हासिल कर सकते हैं। आप इकनॉमिक्स, साइकॉलजी, हिस्ट्री, फिलॉसफी आदि में ग्रैजूएशन कर सकते हैं। आर्ट्स से ग्रैजुएशन के बाद आप सिविल सर्विसेज में जा सकते हैं। इसके अलावा एमबीए, जर्नलिज्म, मार्केट ऐनालिसिस, टीचिंग आदि में भी आपके सामने कई विकल्प मौजूद हैं।

# Computer science –

कंप्यूटर साइंस कोर्स की डिमांड काफी बढ़ गई है। कई कॉलेजों में बीएससी (ऑनर्स) कंप्यूटर साइंस कोर्स है। यह कोर्स करने के बाद करियर ऑप्शन की कोई कमी नहीं है।

# Law course –

12th के बाद 5 वर्षीय लॉ इंटिग्रेटेड पाठ्यक्रम पूरा कर कानून के क्षेत्र में कैरियर को एक नई दिशा दी जा सकती है। LLB का कोर्स करके वक़ील बना जा सकता है।

# Banking courses –

12th के बाद आर्ट्स या कॉमर्स में ग्रैजूएशन करके बैंक का एंट्रेस इग्ज़ाम देकर बैंकिंग कोर्स किया जा सकता है। करियर चुनने के हिसाब से बैंकिंग एक बहुत ही बेहतर विकल्प है।

# Journalism –

यानि पत्रकारिता के क्षेत्र में जाने के लिए 12वीं के बाद 3 वर्षीय बैचलर्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन या बीए (जेएमसी) जैसा पाठ्यक्रम आपको मीडिया के क्षेत्र में प्रवेश करने का अवसर दे सकता है।

# Indian Defence –

करियर के हिसाब से indian army भी एक बहुत ही अच्छा विकल्प है, इसमें आपको रोज़गार के साथ साथ देश सेवा का भी मौक़ा मिलता है। 12वीं के अपने पसंदीदा विषय से ग्रैजूएशन करके, उसके बाद CDS यानि कंबाइंड डिफेंस सर्विस की परीक्षा की तैयारी करें। इसमें सफलता पाकर indian army में जाकर प्रतिष्ठा और रोजगार के साथ देश की सेवा करने का अवसर भी पाएँ। Indian army के अलावा navy और airforce के क्षेत्र में जाकर भी आप आर्मी की ही तरह रोज़गार और देश सेवा का अवसर एक साथ पा सकते हैं।

# Accountancy –

Finance के क्षेत्र में एक नया विकल्प उभर कर आया है, जिसे cost & work accountancy के नाम से जाना जाता है। चार्टर्ड अकाउंटेंसी या कंपनी सेक्रेटरीशिप की तरह तीन स्तरों- फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल परीक्षा को उत्तीर्ण कर कॉस्ट अकाउंटेंट की योग्यता प्राप्त की जा सकती है। कॉस्ट अकाउंटेंट किसी कंपनी का वह पदाधिकारी होता है, जिसे अपनी तकनीकी दक्षता से कंपनी की पूंजी व लागत का उचित इस्तेमाल करना होता है। करियर के हिसाब से ये बहुत ही अच्छा विकल्प है।

करियर के हिसाब से Courses के अन्य विकल्प :-

  • बैचलर ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (बीबीए)
  • बैचलर ऑफ कम्प्यूटर ऐप्लिकेशंस (बीसीए)
  • डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट
  • डिप्लोपा इन होटल मैनेजमेंट ऐंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी
  • बैचलर इन इंफॉर्मेशन टेक्नॉलजी (बीआईटी)
  • रिटेल मैनेजमेंट
  • बीएससी (कम्प्यूटर स्टडीज)
  • डिप्लोमा इन advertising
  • प्रमोशन ऐंड सेल्स मैनेजमेंट
  • ट्रैवल एंड टूरिज्म
  • फैशन डिजाइनिंग
  • इवेंट मैनेजमेंट
  • पब्लिक रिलेशन
  • मर्चेंट नेवी
  • Interior डिज़ाइनिंग इत्यादि।

हम यहाँ कुछ महत्वपूर्ण परीक्षाएओं के बारे में बात कर रहे है। इनमें कुछ परीक्षाएं ऐसी हैं, जिनके लिए किसी भी स्ट्रीम के विद्यार्थी योग्य हैं, जबकि कुछ में किसी खास स्ट्रीम के विद्यार्थी ही आवेदन कर सकते हैं।

इंजीनियरिंग (आईआईटी-जईई/UPSEE):

सड़कों, इमारतों, ऑटोमोबाइल और दूरसंचार के निर्माण में इंजीनियरों की भागीदारी बहुत ही प्रसंसनीय है इसके अलावा इंजीनियरिंग का उपयोग बायोइन्फॉरमेटिक्स, बायोमेडिकलइंजीनियरिंग और बायोटेक्नोलॉजी जैसी आधुनिक शाखाएँ में भी किया जा रहा है। अत: यह सांइस के विद्यार्थियों के करियर के लिए एक उत्तम विकल्प है।

हमको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंजीनियरिंग शिक्षा ब्रांड को भारत में ही नही बल्कि दुनिया भर में एक विशेष स्थान प्राप्त है और इसलिए प्रबंधन में प्रतिष्ठित भारतीय संस्थान (आईआईएम) की 80 फीसदी सीटों पर इंजीनियरिंग स्नातक के विद्यार्थियों का ही बोलबाला होता है।

मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम(AIPMT/NEET):

डॉक्टर बनने के लिए केन्द्र एवं राज्य स्तर पर प्री-मेडिकल कि परीक्षाये करायी जाती है। बाहरवीं के बाद वही छात्र इस एग्जाम के योग्य होते है जिनके पास फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषय होते है। अगर किसी छात्र के पास फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और गणित भी हैं तब भी वो इस परीक्षा के योग्य है। लेकिन अगर छात्र के पास फिजिक्स, केमिस्ट्री और गणित विषय है और बायोलॉजी नही है तो वो इस परीक्षा के योग्य नही हैं।

लाखों छात्रों का सपना होता है डॉक्टर बनने का लेकिन प्रत्येक वर्ष सिर्फ 30122 छात्र ही कड़ी महेनत कर MBBS के लिए क्वालीफाई कर पाते है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), सीएमसी(CMC) और जेआईपीएमईआर(JIPMER) शीर्ष कॉलेजों में शामिल है।

होटल मैनेजमेंट (NCHMAT-JEE):

हमको याद होगा कि जब कामनवेल्थ गेम 2010 और क्रिकेट विश्व कप 2011 का आयोजन भारत में हुआ था और करोड़ों की संख्यां में विदेशी पर्यटक भारत आये थे तो उस समय होटल इंडस्ट्री में एक तरह का उफान आया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 के अंत तक करीब 1000 और होटल खुलेंगे। अत: होटल मैनेजमेंट आपके लिए एक अच्छा करियर हो सकता है।

नेशनल काउंसिल ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी और इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) द्वारा ज्वॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेइइ) की परीक्षा संयुक्त रूप से आयोजित की जाती है। इसके माध्यम से 21 केंद्रीय संस्थानों, राज्य सरकारों के 14 और होटल मैनेजमेंट का कोर्स कराने वाले 15 निजी संस्थानों में प्रवेश मिलता है।

क्लैट (CLAT) - सयुंक्त विधि स्नात्तक परीक्षा:

अधिवक्ताओं का भारत में एक अतिसम्मानीय और गौरव का पद है। जैसे-जैसे अधिवक्ता का अनुभव बढ़ता है वैसे-वैसे इस पेशे में आमदनी और रुतबा भी बढ़ता जाता है। अधिवक्ता (Advocate) बनने के लिए छात्र के बाद दो विकल्प है। पहला विकल्प यह है कि छात्र बारहवीं के बाद ही लॉ के पांच वर्षीय इंट्रीगे्रेटेड कोर्स में एडमिशन ले लें या फिर ग्रेजुएशन करने के बाद एलएलबी की पढ़ाई करें जिसकी  समय-सीमा तीन वर्ष है।

वर्तमान में ऐसा कौनसा क्षेत्र है जहा ‍करियर की असीम संभावनाएं हैं?

करियर के वर्तमान में हजारों ऑप्शन है। यह कहना ठीक नहीं होगा कि कौनसा करियर अच्छा है, कौनसा खराब। यह सभी निर्भर करता है कि हमारी क्या योग्यता है। जैसे स्पोर्ट्‍स का क्षेत्र ले लें, उसमें भी पैसा, फेम सभी कुछ है। संगीत के क्षेत्र में काफी पैसा। हमें हमारी योग्यता, हमारी स्कील्स, रुचि जैसी चीजों पर ध्यान देना होगा। हमारी स्कूली शिक्षा बहुत अच्छी हो। ईमानदारी, मेहनती, प्रयासरत रहें, ये सभी चीजें सफल करियर के लिए आधार होती हैं।

प्रशासनिक सेवाओं में जाने की क्या तैयारियां करनी चाहिए?

प्रशासनिक सेवाओं के लिए प्री में योग्यता (एप्टीट्यूट) टेस्ट लिया जाता है। इसके अंदर काफी विषय होते हैं। हिन्दी-अंग्रेजी पकड़ होना चाहिए। हमारा सामान्य ज्ञान, तार्किक क्षमता, अच्छे से निर्णय लेने की क्षमता, अलग-अलग मुद्दों पर अपनी राय रख पाते हैं तो हम एक बेहतर प्रशासनिक अधिकारी बन सकते हैं। इसके लिए प्री, मेन्स और इंटरव्यू तीनों का सामना करना पड़ता है।

आप कोई भी कोर्स या करियर चुनें, उसे अपनी योग्यता और रुचि को ध्यान में रख के ही चुनें, आपको सफलता अवश्य मिलेगी।

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