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काले धन पर एक और वार की तैयारी, तय हो सकती घर में कैश रखने की लिमिट, घरों में रख सकते हैं इतने पैसे?


government may now set limit on keeping cash at home

कालेधन और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से लिए गए 500 और 1000 रूपए के पुराने नोटों को बंद करने के फैसले के बाद अब सरकार एक और बड़ा फैसला ले सकती है। जी हां खबरों की मानें तो सरकार अब घर में कैश रखने की भी लिमिट तय कर सकती है। सरकार का भी मानना है कि कैश घरों से ज्यादा बैंकों में रहे इससे बैंकिंग सिस्टम भी तंदरुस्त रहेगा और कैशलेस समाज के निर्माण में मदद मिलेगी।

क्या है वित्त मंत्रालय का प्रस्ताव?

खबर के मुताबिक कैश रखने की सीमा तय करने का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय के सामने विचाराधीन है। इस संबंध में वित्त मंत्रालय के पास कई सारे सुझाव भी आए हैं।

लेकिन सरकार द्वारा नोटबंदी के ऐलान के बाद से लगातार बरामद हो रहे कैश को देखते हुए सरकार घरों में कैश रखने की सीमा तय करने पर तेजी से विचार कर रही है।

कैश ट्रांजेक्शंस घटाने पर जोर

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने हाल में वित्त मंत्रालय के कुछ अधिकारियों से इस संबंध में राय मांगी है। एक सूत्र ने बताया कि हाल में हुई एक अहम बैठक में सवाल पूछा गया था कि क्या कैश ट्रांजेक्शंस घटाने में एसआईटी के प्रस्ताव को लागू किया जा सकता है? इस सवाल के जरिए यह जानने की कोशिश हो रही है कि ऐसे कदम को लागू करने में किस तरह की समस्याओं या विरोध का सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने इस साल जुलाई में कैश ट्रांजेक्शंस की लिमिट 03 लाख रुपये और कैश रखने की लिमिट 15 लाख रुपये तय करने की सलाह दी थी।

15 लाख हो सकती है लिमिट

हालांकि कैश रखने की सीमा के बारे में कुछ भी नहीं बताया है लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि 15 लाख रूपए कैश घर में रखने की लिमिट तय की जा सकती है। बता दें कि केंद्र सरकार ने कालेधन पर जो एसआईटी बनाई थी उसने अपनी 5वीं रिपोर्ट 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सौंपी थी। रिपोर्ट में यह सिफारिश की गई थी कि घर में कैश रखने की सीमा 15 लाख हो, इससे ज्यादा का कैश घरों में न रखा जाए।

क्या है वजह

खबरों की मानें तो अगर ये फैसला लिया गया तो इस फैसले के पीछे नोटबंदी के बाद कालेधन पर दनादन छापेमारी में बरामद हो रही भारी भरकम नकदी है। ऐसा होने पर कोई भी व्यक्ति एक निश्चित सीमा से अधिक धनराशि कैश में नहीं रख पाएगा। सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय इस संबंध में कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। अगर सरकार इस फैसले को मंजूर करती है तो आने वाले दिनों में उन लोगों की परेशानी बढ़ सकती है, जो ज्यादातर लेनदेन नगदी में करते हैं।

गौरतलब है कि 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के नोट अवैध घोषित किए जाने के बाद से गैर-कानूनी तरीके से काले धन को सफेद करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में विभिन्न एजेंसियों की छापेमारी में 16 दिसंबर तक 316 करोड़ रुपये जब्त हो चुके हैं। हैरत की बात यह है कि जब्त रुपयों में 80 करोड़ रुपये मूल्य के नए नोट शामिल हैं।

अगले साल बजट में होगा विचार

सरकार अगले साल के बजट में ऐसा कदम उठाने पर विचार कर रही है। सरकार सीबीडीटी या आरबीआई के सर्कुलर के जरिए भी इस बदलाव का ऐलान कर सकती है। अशोक माहेश्वरी एंड एसोसिएट्स एलएलपी के पार्टनर अमित माहेश्वरी ने कहा कि यह भी हो सकता है कि बजट में ये कदम उठाए जाएं क्योंकि सरकार ब्लैक मनी इकनॉमी पर हमला कर रही है। इसका मतलब यह होगा कि इनकम टैक्स ऑफिसर इस लिमिट से ज्यादा कैश रखने वालों की जांच कर सकेगा।

सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय इस संबंध में कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। अगर सरकार इस फैसले को मंजूर करती है तो आने वाले दिनों में उन लोगों की परेशानी बढ़ सकती है, जो ज्यादातर लेनदेन नगदी में करते हैं।

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