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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, विश्व योग दिवस | International Yoga Day


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सदियों से भारत आध्यात्मिक सोच और दर्शन का केंद्र रहा है और योग का अभ्यास, विश्वास और समझ इसका अभिन्न अंग रहा है। शरीर और मन के बीच संतुलन बनाने के महत्व को देखते हुए और योग द्वारा इसे पाए जाने की जरुरत को समझते हुए 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्यों द्वारा 21 जून को ”अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस” को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।.. …

विश्व योग दिवस International Yoga Day in Hindi

21 जून को २०१५ से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के नाम से मनाया जाता है। यह दिन वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और योग मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पहली बार 21 जून 2015 को मनाया गया था | भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में योग के बारे में कुछ बाते की और जिसके बाद 21 जून को ” अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस” घोषित किया गया। 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्यों द्वारा 21 जून को ” अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस” को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2017 (विश्व योग दिवस)

विश्व योग दिवस या योग का अंतरराष्ट्रीय दिवस पूरे विश्व भर के लोगों के द्वारा 21 जून, बुधवार को 2017 को मनाया जायेगा।

योग की उत्पति कब और कैसे हुई

आधुनिक युग में पश्चिमी दुनिया का योग से पुन: परिचय कराया स्वामी विवेकानंदजी ने, जब उन्होंने 1893 में अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म संसद को संबोधित किया। उसके बाद से पूर्व के कई गुरुओं व योगियों ने दुनियाभर में योग का प्रसार किया और दुनिया ने योग को बड़े पैमाने पर स्वीकार किया। योग पर कई अध्ययन और शोध हुए, जिन्होंने मानव कल्याण में योग के विस्तृत और दीर्घकालिक फायदों को साबित किया।

पिछले पचास सालों में योग न सिर्फ एक अंतर्राष्ट्रीय घटना बन चुका है, बल्कि दुनिया के हजारों लाखों लोगों के लिए एक जाना पहचाना नाम बन चुका है।

कैसे हुई शुरुआत?

औपचारिक व अनौपचारिक योग शिक्षकों और उत्साही लोगों के समूह ने 21 जून के अलावा अन्य तारीखों पर विश्व योग दिवस को विभिन्न कारणों के समर्थन में मनाया। दिसंबर 2011 में, अंतर्राष्ट्रीय मानवतावादी, ध्यान और योग गुरू श्री श्री रविशंकर और अन्य योग गुरुओं ने पुर्तगाली योग परिसंघ के प्रतिनिधि मंडल का समर्थन किया और दुनिया को एक साथ योग दिवस के रूप में 21 जून को घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र को सुझाव दिया।

‘विश्व योग दिवस’ वर्ष 2015 में 21 जून को प्रथम बार सम्पूर्ण विश्व में मनाया गया। तत्पश्चात प्रत्येक वर्ष यह दिवस 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाया जायेगा। इस संबंध में मौजूदा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव रखा गया था।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष सैम के कुटेसा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की और कहा कि 170 से अधिक देशों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिससे पता चलता है कि योग के अदृश्य और दृश्य लाभ विश्व के लोगों को कितना आकर्षित करते हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी बधाई दी, जिनकी पहल से 21 जून को हर साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया है।

मान्यता के लिए की गई पहल

भारत से योग के ऐसे कई राजदूत रहे हैं जिन्होेंने योग को वैश्विक स्तर पर फैलाने के लिए काम किया, लेकिन भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हमेशा ऐसे व्यक्ति के तौर पर याद किया जाएगा जो योग को वैश्विक चेतना के मामले में सबसे आगे लाए और 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिये अपने पहले भाषण में यह सुझाव दिया कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के तौर पर मनाया जाए।

इस पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के राजदूत अशोक मुखर्जी ने बहुत सक्रिय रुप से काम किया और इस प्रस्ताव का मसौदा पेश किया जिसे 177 देशों का समर्थन मिला और 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के तौर पर घोषित किया गया।

भारत में योग की शुरुआत

योग की शुरुआत भारत में पूर्व-वैदिक काल में हुई मानी जाती है। योग हजारों साल से भारतीयों की जीवन-शैली का हिस्सा रहा है। ये भारत की धरोहर है। योग में पूरी मानव जाति को एकजुट करने की शक्ति है। यह ज्ञान, कर्म और भक्ति का आदर्श मिश्रण है। दुनिया भर के अनगिनत लोगों ने योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाया है। दुनिया के कई हिस्सों में इसका प्रचार-प्रसार हो चुका है। लेकिन संयुक्त राष्ट्र के इस ऐलान के बाद उम्मीद की जा रही है कि अब इसका फैलाव और तेजी से होगा।

21 जून को ही क्यों?

21 जून को ही अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बनाए जाने के पीछे वजह है कि इस दिन ग्रीष्म संक्रांति होती है। इस दिन सूर्य धरती की दृष्टि से उत्तर से दक्षिण की ओर चलना शुरू करता है। यानी सूर्य जो अब तक उत्तरी गोलार्ध के सामने था, अब दक्षिणी गोलार्ध की तरफ बढऩा शुरु हो जाता है। योग के नजरिए से यह समय संक्रमण काल होता है, यानी रूपांतरण के लिए बेहतर समय होता है।

इस दिन को किसी व्यक्ति विशेष को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि प्रकृति को ध्यान में रखकर चुना गया है।

प्राचीन आध्यात्मिक पद्धति योग 5,000 साल पुरानी भारतीय शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक पद्धति है, जिसका लक्ष्य मानव शरीर और मस्तिष्क में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।

विश्व योग दिवस समारोह

भारत में 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ बड़े पैमाने पर मनाया गया , जिसकी तैयारियाँ बड़े जोर-शोर से भारत सरकार ने की थी । योग दिवस का मुख्य समारोह दिल्ली के राजपथ पर हुआ था , जिसमें स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी योग किये थे। प्रधानमंत्री ने राजपथ पर 16000 लोगों के साथ योग किए थे। ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ समारोह का गणतंत्र दिवस समारोह जैसा कवरेज दूरदर्शन द्वारा किया गया था। प्रसारण अंतरराष्ट्रीय मानक का हो यह सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक उपकरण का इस्तेमाल किया गया था । राजनीतिक लोगों के अतिरिक्त योगगुरु बाबा रामदेव और हिन्दी फ़िल्मों के महानायक अमिताभ बच्चन भी इस समारोह भी शामिल हुए थे। संयुक्त राष्ट्र में भी योग दिवस मनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ चल रही हैं। पहले ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के उपलक्ष्य में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज संयुक्त राष्ट्र में आयोजित समारोह की अध्यक्षता की थी।

विश्व योग दिवस का मुख्य उद्देश्य

विश्व योग दिवस का उद्देश्य सम्पूर्ण विश्व में योग से प्राप्त होने वाले लाभों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। विश्व योग दिवस पर 21 जून को सुबह 7 बजे सभी जिला मुख्यालयों द्वारा सामूहिक योग कार्यक्रम रखा जाता है। ब्लाक एवं पंचायत मुख्यालयों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। योग कार्यक्रम में समस्त स्कूल, कॉलेज, योग संस्थाओं के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल होंगे। केन्द्र सरकार के आयुष विभाग द्वारा कार्यक्रम के दौरान किए जाने वाले योगासन के बारे में एक कॉमन प्रोटोकॉल निर्धारित करते हुए बुकलेट तथा फिल्म तैयार की गई है।

निम्न उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये योग के अंतरराष्ट्रीय दिवस को अंगीकृत किया गया है:

  • योग के अद्भुत और प्राकृतिक फायदों के बारे में लोगों को बताना।
  • पूरे विश्व भर में स्वास्थ्य चुनौतीपूर्ण बीमारियों की दर को घटाना।
  • योग के समग्र फायदों की ओर पूरे विश्वभर में लोगों का ध्यान खींचना।
  • लोगों को शारीरिक और मानसिक बीमारियों के प्रति जागरुक बनाना और योग के माध्यम से इसका समाधन उपलब्ध कराना।
  • योग के द्वारा लोगों के बीच वैश्विक समन्वय को मजबूत करना।
  • योग अभ्यास के द्वारा लोगों को प्रकृति से जोड़ना।
  • वृद्धि, विकास और शांति को पूरे विश्वभर में फैलाना।
  • योग अभ्यास के द्वारा लोगों के बेहतर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रचारित करना।
  • योग के द्वारा ध्यान की आदत को लोगों में बनाना।योग के द्वारा तनाव से राहत दिलाने के द्वारा खुद से उनकी बुरी परिस्थिति में लोगों की मदद करना।
  • अस्वास्थ्यकर कार्यों से बचाना और बेहतर स्वास्थ को बनाने के लिये अच्छे कार्य को सम्मान और प्रचारित करना।
  • शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के उच्च स्तर का पूरी तरह से आनन्द लेने के लिये लोगों को उनके
  • अच्छे स्वास्थ्य और स्वस्थ्य जीवन-शैली के अधिकार के बारे में बताना।
  • स्वास्थ्य की सुरक्षा और दीर्घकालिक स्वास्थ्य विकास के बीच संबंध जोड़ना।
  • नियमित योग अभ्यास के द्वारा सभी स्वास्थ्य चुनौतीयों से पार पाना।

योग से होने वाले फायदे

योगा से कई सरे फायदे होते है जो आज हम आपको बताएँगे, योगा से आप अपने शरीर को स्वस्थ्य रख सकते है, और एक अच्छी जिन्दगी गुजार शकते हो । योग सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य की बात ही नहीं करता है, बल्कि वह मानसिक स्वास्थ्य को भी दुरुस्त रखने की उतनी ही बात करता है।

अगर वैज्ञानिक ढंग से भी देखा जाय तो अगर आप उत्तम विचारों को, उत्तम शब्दों को रोज दुहराते हमारी यही राय है की आप भी स्वस्थ्य हरने के लिए नियमित योगा करे।

योग विश्व को भारत का दिया हुआ सबसे अहम योगदान है और इसका मकसद जीवन के कल्याण के लिए एक साधन के तौर पर पेश करना है।

योग के अंतरराष्ट्रीय दिवस को विश्व योग दिवस भी कहते है। 11 दिसंबर 2014 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रुप में 21 जून को संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने घोषित किया है। भारत में योग लगभग 5,000 हजार वर्ष पुरानी एक मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक प्रथा के रुप में देखा गया है। योग की उत्पत्ति प्राचीन समय में भारत में हुयी थी जब लोग अपने शरीर और दिमाग में बदलाव के लिये ध्यान किया करते थे। पूरे विश्वभर में योग अभ्यास की एक खास तारीख की और योग दिवस के रुप में मनाने की शुरुआत भारतीय प्रधानमंत्री के द्वारा संयुक्त राष्ट्र आम सभा से हुयी थी।

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