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जन औषधि योजना, प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना | Jan Aushadhi Yojana (Hindi)


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(Jan Aushadhi Yojana) यह एक अभियान हैं जो कि आम जनता के लिए कम कीमत पर अच्छी गुणवत्ता की दवाइयाँ उचित दाम पर उपलब्ध कराती हैं। …

Jan Aushadhi Yojana Abhiyan In Hindi

औषधि (Jan Aushadhi Scheme)अभियान मूलत: जनता को जागरूक करने के लिए शुरू किया गया हैं ताकि जनता समझ सके कि ब्रांडेड मेडिसिन की तुलना में जेनेरिक मेडिसिन कम मूल्य पर उपलब्ध हैं साथ ही इसकी क्वालिटी में किसी तरह की कमी नहीं हैं। साथ ही यह जेनेरिक दवायें मार्केट में मौजूद हैं जिन्हें आसानी से प्राप्त किया जा सकता हैं।

कॉल टोल फ्री: 1800-180-8080

क्या हैं जन औषधि योजना?

जन औषधि’ (Jan Aushadhi Yojana) यह एक अभियान हैं जो कि आम जनता के लिए कम कीमत पर अच्छी गुणवत्ता की दवाइयाँ उचित दाम पर उपलब्ध कराती हैं ‘जन औषधि’ अभियान केन्द्रीय फार्मा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के सहयोग से फार्मास्युटिकल्स विभाग द्वारा शुरू किया गया हैं।

भारत एक गरीब देश हैं जहाँ बीमारियाँ आर्थिक संकट में अधिक भयावह हो जाती हैं और इन बिमारियों में सबसे बड़ा खर्च इन दवाओं का होता हैं इसलिए इस दिशा में ‘जन औषधि’ (Jan Aushadhi Scheme) अभियान चलाया जा रहा हैं जो कि जेनेरिक दवाएँ देती हैं जिनकी गुणवत्ता महंगी ब्रांडेड दवाओं जैसी ही हैं लेकिन कीमत में काफी अंतर हैं।

जन औषधि (Jan Aushadhi Scheme)अभियान मूलत: जनता को जागरूक करने के लिए शुरू किया गया हैं ताकि जनता समझ सके कि ब्रांडेड मेडिसिन की तुलना में जेनेरिक मेडिसिन कम मूल्य पर उपलब्ध हैं साथ ही इसकी क्वालिटी में किसी तरह की कमी नहीं हैं। साथ ही यह जेनेरिक दवायें मार्केट में मौजूद हैं जिन्हें आसानी से प्राप्त किया जा सकता हैं।

Jan Aushadhi केंद्र कौन खोल सकता है ?

  • कोई भी व्यक्ति या व्यवसायी, अस्पताल, NGO, चैरिटेबल संस्था, फार्मासिस्ट, डॉक्टर, और मेडिकल प्रैक्टिसनर Jan Aushadhi केंद्र खोलने के लिए आवेदन कर सकते है |
  • SC, ST, एवं दिव्यांग आवेदकों को Jan Aushadhi केंद्र खोलने के लिए 50,000 रूपये तक की दवाइयां अग्रिम रूप से दी जायेंगी|

जन औषधि स्टोर ओपन करने के लिए शर्ते (पात्रता)? Who Is Eligible For Opening Jan Aushadhi Stor In Hindi :

  1. औषधि स्टोर ओपन करने के लिए एप्लिकेंट के पास पर्याप्त जगह होना चाहिये जो कि किराए की हो सकती हैं।
  2. स्टोर के लिए 120 sq ft की जगह होना चाहिये जिसका निर्णय BPPI स्वयं विजिट करके लेती हैं।
  3. एप्लिकेंट के पास रिटेल ड्रग लाइसेंस एवम टिन नंबर होना चाहिये।
  4. कोई भी जिसके पास pharmacist की डिग्री हो उनमे व्यक्ति, NGO या कोई भी इंस्टिट्यूट हो सकता हैं, जन औषधि के लिए एप्लीकेशन देस सकता हैं।
  5. अगर कोई व्यक्ति जन औषधि के लिए एप्लीकेशन दे रहा हैं तो उसके पास शॉप के लिए पर्याप्त जगह होना चाहिये साथ ही वह किसी अन्य संस्था के आधीन कार्यशील नहीं होना चाहिये।

आवश्यक दस्तावेज :

  • व्यक्तिगत आवेदन करने के लिए आधार कार्ड एवं Pan Card की आवश्यकता होगी।
  • संस्थान/NGO/हॉस्पिटल/चैरिटेबल संस्था को आवेदन करने के लिए आधार कार्ड,  Pan Card, गठन का प्रमाणपत्र एवं पंजीयन प्रमाण पत्र की की आवश्यकता होगी।
  • Jan Aushadhi केंद्र खोलने के लिए आपके पास कम से कम 10 वर्ग मीटर की जगह होनी चाहिए। आप चाहे तो किराये पे भी ले सकते है।

क्या क्या मिलेगी सहायता :

  • दवाइयों पर प्रिंट कीमत से 16% तक का प्रॉफिट
  • दो लाख रुपयों तक की One Time वित्तीय सहायता।
  • जन औषधि स्टोर को 12 महीनों के लिए उसकी sale का 10% अतरिक्त इंसेंटिव दिया जायेगा। अधिकतम 10000 रूपये हर महीने होगा।
  • पूवोत्तर राज्यों/ नक्शल प्रभावित इलाकों/ आदिवासी इलाकों में यह इंसेंटिव 15% और  इंसेंटिव राशी  15000 रुपये हर महीने होगी।

जन औषधि अभियान की शुरुवात (Jan Aushadhi Scheme In Hindi)

जन औषधि अभियान (Jan Aushadhi Scheme) की शुरुवात 2008 में हुई थी। 23 अप्रैल 2008 में औषधि सलाहकार फोरम ने एक मीटिंग ली थी जिसमे रसायन,उर्वरक और इस्पात केन्द्रीय मंत्री श्री राम विलास पासवान की अध्यक्षता में जन औषधि अभियान का अहम् निर्णय लिया गया। जन औषधि अभियान का मुख्य उद्देश्य जेनेरिक दवायें जो कि सस्ती और अच्छी हैं, उपलब्ध को प्रति लोगो को जागरूक करना, उसके महत्व को समझाना ।

जन औषधि/ जेनेरिक दवाओं के लाभ Benefits Of Jan Aushadhi Scheme In Hindi

  • बड़ी से बड़ी एवम घातक बिमारियों के उपचार के लिए जेनेरिक दवाईयाँ उपलब्ध करायेगा साथ ही यह लोगो के बजट में होंगी।
  • कम कीमत पर दवाई के साथ- साथ गुणवत्ता इस बात की पूरी गेरेंटी जन औषधि अभियान ने लोगो को एवम विक्रेताओं को दी हैं।
  • जेनेरिक दवाओं के प्रति जनता को जागरूक करने का कार्य भी जन औषधि अभियान के तहत होगा।
  • जेनेरिक दवाओं की बिक्री के लिए विक्रेताओं को भी इसकी गुणवत्ता के प्रति जागरूक करने का कार्य जन औषधि अभियान के तहत होगा।
  • जन औषधि अभियान के तहत डॉक्टर्स एवम सरकारी अस्पतालों को भी जेनेरिक दवाओं की गुणवत्ता समझाते हुए उन्हें मरीज को यही दवायें पर्चे पर लिख कर देने के लिए बाध्य किया जायेगा।
  • साथ ही समय पर जेनेरिक दवायें उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी भी जन औषधि अभियान के तहत आएगी।

क्या होती हैं जेनेरिक दवायें What Is The Generic Medicine In Hindi :

जन औषधि के अंतर्गत आने वाली जेनेरिक दवायें ब्रांडेड नहीं होती लेकिन यह ब्रांडेड दवाओं की तरह ही प्रभावशील होती हैं साथ ही इन्हें अफोर्डेबल प्राइज पर ख़रीदा जा सकता हैं। यह जेनेरिक दवायें किन्ही भी जन औषधि की शॉप पर मिलती हैं ।

कौन करता हैं जन औषधि योजना का संचालन Who Is responsible For Jan Aushadhi Scheme In Hindi :

फार्मास्युटिकल्स विभाग ने एक स्पेशल विभाग बनाया हैं जिसे Bureau of Pharma Public Sector Undertakings of Indian (BPPI) के नाम से जाना जाता हैं यह सभी जन औषधि अभियान की देख रेख करती हैं । साथ ही जनता को इसके प्रति जागरूक करती हैं इसके फायदे, नुकसान बताती हैं और समय पर दवायें उपलब्ध कराती हैं । साथ ही जन औषधि शॉप के लिए उचित उम्मीदवारों को तैयार कर उन्हें इस जेनेरिक दवाओं की पूरी जानकारी देती हैं । BPPI पुरे देश में जन औषधि का प्रचार प्रसार कर मार्केटिंग भी करती हैं ।

कौन सी दवायें जन औषधि के अंतर्गत आती हैं Medicines Are Available In Jan Aushadhi Scheme :

BPPI ने अधिकतर दवायें जन औषधि के अंतर्गत शामिल की हैं जिसके जरिये गरीब लोग आसानी से अपना इलाज करवा सके । कौन सी दवायें जन औषधि में शामिल की गई हैं उसके लिए इस लिंक पर क्लिक करें । http://janaushadhi.gov.in/list_of_medicines.html यह सरकार की वेबसाइट हैं जिसमे आपको लिस्ट मिलेगी जिनमे जेनेरिक दवाओं के नाम मौजूद हैं । कुछ दवाओ के जेनेरिक नाम, यूनिट, मैक्सिमम रिटेल प्राइज एवम अन्य केटेगरी नीचे दी गई हैं जिन्हें इस वेबसाइट से ही लिया हैं ।

क्र. जेनेरिक नाम यूनिट MRP केटेगरी
1 Aceclofenac + Paracetamol (100 mg + 500mg) Tab 10’s 10.00 ANALGESIC/ ANTI-INFLAMMATORY/ MUSCLOSKELETAL DISORDER
2 Aceclofenac 100 mg Tab 10’s 8.00 ANALGESIC/ ANTI-INFLAMMATORY/ MUSCLOSKELETAL DISORDER
3 Aceclofenac Gel 10’s 30 gm ANALGESIC/ ANTI-INFLAMMATORY/ MUSCLOSKELETAL DISORDER
4 Acetaminophen + Tramadol Hydrochloride (325 mg + 37.5 mg) Tab 10’s PUR* ANALGESIC/ ANTI-INFLAMMATORY/ MUSCLOSKELETAL DISORDER
5 Asprin 150 mg Tab 10’s PUR* ANALGESIC/ ANTI-INFLAMMATORY/ MUSCLOSKELETAL DISORDER

जन औषधि स्टोर ओपन करने के लिए शर्ते Rule For Opening Jan Aushadhi Store In Hindi :

  • औषधि स्टोर ओपन करने के लिए एप्लिकेंट के पास पर्याप्त जगह होना चाहिये जो कि किराए की हो सकती हैं।
  • स्टोर के लिए 120 sq ft की जगह होना चाहिये जिसका निर्णय BPPI स्वयं विजिट करके लेती हैं।
  • एप्लिकेंट के पास फार्मिस्ट का सर्टिफिकेट होना चाहिये।
  • एप्लिकेंट के पास रिटेल ड्रग लाइसेंस एवम टिन नंबर होना चाहिये।
  • एप्लिकेंट की माली हालत अच्छी होनी चाहिये उसके टैक्स फाइल होना चाहिये। पिछले तीन साल का सभी फाइनेंसियल ब्यौरा सही होना चाहिये। जिसका परिक्षण BPPI द्वारा किया जायेगा।

जन औषधि स्टोर के लिए सरकार द्वारा की जाने वाली मदद Government Contribution For Jan Aushadhi Scheme In Hindi :

  • जन औषधि स्टोर ओपन (Jan Aushadhi Scheme) करने के लिए सरकार स्टोर मालिको को यह कार्य शुरू करने के लिए 2 लाख रूपये देगी साथ ही कंप्यूटर जैसे हार्डवेयर लगाने के लिए 50हजार रूपये की मदद की जाएगी ।
  • जन औषधि स्टोर मालिको के लिए दवायें MRP से 16 % कम में दी जाएँगी। जहाँ से मालिक सीधे कमाई कर सकते हैं ।
  • इसके अलावा सरकार की जाने वाली बिक्री के अनुसार इंसेंटिव भी देगी।

जन औषधि अभियान सरकार द्वारा चलाया गया एक अच्छा अभियान हैं जिससे गरीबो को बहुत राहत मिलती हैं । हम सभी को जेनेरिक दवायें लेना चाहिये जिससे पैसे की बचत होती हैं । साथ ही हमारे जागने से जेनेरिक दवाओं का उत्पादन बढ़ेगा ।

जेनेरिक दवाएं क्या हैं ?

जेनेरिक दवाएं एक ही रासायनिक संरचना के साथ ड्रग्स हैं, जो विज्ञापन ब्रांड के नाम के बराबर हैं।

  • यह मूल रूप से दवा का एक रासायनिक नाम है।
  • यह खुराक, शक्ति, गुणवत्ता और प्रदर्शन में एक ब्रांड नाम के साथ अपने समकक्ष के बराबर है।
  • ब्रांड नाम के बिना, सामान्य दवाएं बहुत कम कीमत पर उपलब्ध हैं।
  • जब बिना कहे एक जेनेरिक दवा बाजार में उपलब्ध कराई जाती है, तो ब्रांड नाम के तहत उसके जैसी दवाइयों की लागत भी काफी कम हो जाती है।
  • 20 साल के पेटेंट समय की अवधि समाप्त होने के बाद जेनेरिक दवाएं भारत में कानूनी रूप से उत्पादित की जा सकती हैं।
  • पेटेंट की समाप्ति पर दवा की बिक्री लाइसेंसिंग पर पेटेंट धारक के एकाधिकार को हटा दिया जाता है।

kaise करें आवेदन ?

ऑफलाइन आवेदन करने लिए आप फार्म यहाँ से डाउनलोड कर सकते है  आवेदन फार्म डाउनलोड करे.

यदि आप online आवेदन करना चाहते है तो ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया के लिए यहाँ विजिट करे. Jan Aushadhi Scheme ke liye Online Awedan kaise kare

इस योजना में प्रमुख चुनौती उसके क्रियान्वयन और उचित सावधानी के साथ निष्पादन में होगी जो अंत में ग्राहक को नकली दवाओं के डर से नहीं उभरती है। हालांकि, इस तथ्य के बारे में कोई संदेह नहीं है कि यह योजना युद्ध स्तर पर लागू की जानी चाहिए ताकि अमीर और गरीब एक बेहतर जीवन के लिए गुणवत्ता वाले स्वास्थ्य देखभाल का लाभ उठा सकें।

BUREAU OF PHARMA PUBLIC SECTOR UNDERTAKINGS OF INDIA
(Set up under the Department of Pharmaceuticals, Govt. of India)
IDPL corporate office complex,
Old-Delhi Gurgaon Road, Dundahera,
Gurgaon 122016 (Haryana).

Jai Hind!

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