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जानिये, क्या है पनामा पेपर लीक मामला ? | What is Panama Papers Leak Scandal in Hindi


क्या है भारत चीन डोकाला सीमा विवाद, जानिए…

panama papers scandal kya hai hindi

अभी हाल ही में देश में टैक्स चोरी का बडा खुलासा हुआ है इसमें भारत ही नहीं दुनियांभर की तमाम बडी हस्तियों के नाम हैं आइये जानते हैं क्या है पनामा पेपर लीक मामला.. …

पनामा पेपर एक अंतर्राष्ट्रीय रूप से किया गया भ्रष्टाचार है, जिसका खुलासा लगभग 11.5 मिलियन डॉक्यूमेंट फाइल के लीक होने से हुआ. यह फाइल पमाना स्थित एक अपतटीय मोस्सक फोंसेका फर्म से सम्बंधित थी. इस कंपनी ने कई देशों के लोगों को टैक्स बचाने में ग़ैर कानूनी रूप से मदद की थी. साथ ही यहाँ से काफी मात्रा में मनी लौन्ड्रिंग भी हुई. इसी वजह से पाकिस्तान के PM नवाज़ शरीज़ को इस्तीफा भी देना पड़ा है। पनामा पेपर्स के नाम से लीक हुए इन दस्तावेजों को सामने लाने में मुख्य भूमिका अमेरिका स्थित एक एनजीओ और खोजी पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय महासंघ (आईसीआईजे) की है।

पनामा पेपर लीक क्या है | Panama Papers Scandal in Hindi

पनामा पेपर्स : पनामा दस्तावेज़ पानामनियन कंपनी मोसेक फोनसेका द्वारा इकट्ठा किया हुआ 1 करोड़ 15 लाख गुप्त फाइलों का भंडार है। इनमें कुल 2,14,000 कंपनियों से सम्बन्धित जानकारिया है। इसमें उस कंपनी के निर्देशक आदि की जानकारी भी है। यह अब तक पाँच देशों के नेताओं के बारे में बता चुका है, जिसमें अर्जेंटीना, आइसलैंड, सऊदी अरब, यूक्रेन, सयुंक्त अरब अमिरत है। इसके अलावा यह 40 देशों के सरकार से जुड़े आदि लोगों के बारे में भी बता चुका है, इसमें ब्राज़ील, चीन, पेरु, फ्रांस, भारत, मलेशिया, मेक्सिको, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, रूस, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, सीरिया और ब्रिटेन है।

पनामा पेपर्स लीक मामले में पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा है, पनामा खुलासे में शरीफ के अलावा कई फिल्मी और खेल जगत की हस्तियों समेत करीब 140 लोगों की संपत्ति का भी खुलासा हुआ था। दस्तावेजों के खुलासे में 500 भारतीयों के नाम भी शामिल होने की बात सामने आई थी। 

पनामा : एक छोटा-सा देश है जिसकी जनसंख्या सिर्फ 40 लाख है। पनामा की राजधानी का नाम पनामा नगर है। पनामा स्पेन का उपनिवेश हुआ करता था। पनामा की मुद्रास्फीति नीची है और यह अपनी मुद्रा के रूप में अमरीकी डॉलर का इस्तेमाल करता है।

पनामा पेपर किस विषय में है (What is The Subject of Panama Paper)

पनामा पेपर विश्व का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय कोऑपरेशन है, पिछले एक वर्ष में 80 देशों से लगभग 400 से अधिक पत्रकारों ने और लगभग 100 से अधिक मीडिया संस्थानों ने इन लीक दस्तावेजों के शोध में भाग लिया है. यह दस्तावेज़ कैसे लीक हुयें हैं, इसका अनुमान लगाना कठिन हैं। विश्व स्तरीय मीडिया जैसे बीबीसी, गार्डियन, इन्दिंन एक्सप्रेस आदि ने भी इस घटना की जांच पड़ताल में काफी काम किया है, पत्रकारिता के क्षेत्र में इसे अब तक का सबसे बड़ा लीक माना गया है।

क्या होती हैं शेल कंपनियां

यह सिर्फ पैसे का प्रबंधन करती है। वह यह भी छिपाती है कि पैसा किसका है। कंपनियों के प्रबंधन में वकील, अकाउंटेंट और यहां तक की दफ्तर के सफाईकर्मी भी शामिल कर लिए जाते हैं। वह कागजात पर दस्तखत करने और लेटरहेड पर अपना नाम दर्ज करने की इजाजत देने के अलावा कुछ काम नहीं करते हैं।

ऑफ शोर लॉ फर्म क्या है (What is Offshore Law Firm)

एक ऑफशोर लॉ फर्म एक ऐसा फर्म होता है, जो विश्व के किसी भी आदमी को ऑफशोर कम्पनियां बेचता है. ये शैल कम्पनियां अपने प्रोमोटरों को उनके बिज़नस डीलिंग सम्बंधित सभी जानकारियों को छुपाने का मौक़ा देती है. इस कंपनी के विश्व भर में दर्जन से भी अधिक गुप्त कार्यालय होते हैं. इनका काम ऐसे ऑफशोर कंपनी को बनाना, बेचना और नियंत्रित करना होता है, जिसकी सहायता से इन्हें खूब आर्थिक लाभ प्राप्त होता है और यह लोगों के काले धान को सफ़ेद करने में मदद करता है।

एक शैल कोऑपरेशन ऐसी संसथा है, जिसके अंतर्गत किसी भी तरह का सक्रीय व्यापार नहीं होता और न ही इसके अंतर्गत कोई तय एसेट होता है. यह आवश्यक नहीं है कि कोई शैल कोऑपरेशन ग़ैर कानूनी ही हो. कई बार ये एक स्टार्ट अप के रूप में भी मौजूद होते हैं।

यह लॉ फर्म अपने क्लाइंट को गुप्त रूप से कई अकाउंट बनाने की सुविधा देता है, ताकि उनके पैसे को किसी के द्वारा ट्रैक नहीं किया जा सके. इस तरह से इन अकाउंट का प्रयोग करके लोग मनी लौन्डरिंग की सहायता से अपने काले धन को सफ़ेद कर लेते हैं।

ऐसी ऑफशोरे कम्पनियां किसी व्यक्ति के लिए आसानी से कंपनी शुरू करने, खरीदने और बेचने की सुविधाएं देती हैं. ये बहुत ही कम क़ीमत पर कई तरह की सुविधाएँ अपने क्लाइंट के लिए मुहैया कराती हैं. इसके अंतर्गत महज एक हज़ार डॉलर में कोई व्यक्ति कंपनी ख़रीद सकता है, जिसके डायरेक्टर का नाम भी फेक ही रहेगा. यदि मालिक चाहे तो वो कंपनी के सही शेयर होल्डर का नाम भी दे सकता है।

मोस्सैक फोंसेका क्या है (What is Mosaic Fonseca)

यह पनामा स्थित एक लॉ फर्म है, जो विश्व भर में अपनी शैल कम्पनियां बेचती हैं. आईसीआईजे (इंटरनेशनल कंसोर्सियम ऑफ़ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म) के अनुसार यह संस्था अपने क्लाइंट, ड्रग डीलर, माफिया, भ्रष्ट राजनेता और टैक्स छिपाने वाले लोगों के लिए एक दरवान का काम करती है. जब यह कंपनी ऑफशोर कंपनियों के बेचने के लिए उतरी थी, तब यह विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी थी।

इतिहास : मोसेक फोनसेका कंपनी की स्थापना वर्ष 1977 में जुरगेन मोस्साक और रोमन फोन्सेका ने की थी। इसके 500 से अधिक कर्मचारी पूरे विश्व में 40 कार्यालयों में फैले हुए हैं। यह लगभग 3 लाख कंपनियों के लिए कार्य करती है और उसमें सबसे अधिक कंपनी ब्रिटेन में है या उसके आयकर के अंतर्गत आते हैं।

लीक किस तरह से हुआ पनामा पेपर (How to Leak Panama Paper)

कुछ वर्ष पहले किसी अनजान और गुमनाम व्यक्ति ने एक जर्मन समाचार एसज़ेड से संपर्क बनाया था और इसी ने सभी इस ऑफशोर लॉ फर्म से आतंरिक गोपनीय दस्तावेज़ निकाल कर इस समाचार पत्र के हवाले कर दिया. यहीं से सारी जानकारियाँ विश्व भर की मीडिया में फ़ैल गयी. इसके अंतर्गत देश विदेश के कई बड़े बड़े नाम शामिल हैं, जिसका खुलासा धीरे धीरे हो रहा है।

पनामा लीक डाटा का विषय (Panama Leak Data Subject)

इस डेटा में मुख्यतः ईमेल, विभिन्न तरह के पीडीऍफ़, फोटो फाइल तथा कंपनी के आतंरिक डेटाबेस का अंश मौजूद था, इसमें पाए गये दस्तावेजों के अनुसार यह पता चला कि विभिन्न बड़े बैंकों, लीगल फर्म और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों द्वारा संचालित यह ऑफशोर कंपनी कैसे विश्व के बड़े और पैसे वाले नाम जैसे राजनेताओं, फीफा ऑफिसियल, कई ड्रग स्मगलर, खिलाड़ी आदि के कालेधन को अश्रय दे रही थी।

यह लीक कितनी बड़ी थी

यह लीक विश्व इतिहास में हुए किसी भी लीक से बड़ी और अब तक की सबसे बड़ी लीक थी. इसमें कम से कम 11.5 मिलियन डॉक्यूमेंट, जिसकी साइज़ 2.6 टेट्रा बाईट थी मौजूद थी. इसके अंतर्गत कई तरह की लीक जैसे विकिलीक्स, ऑफशोर लीक, लक्स लीक, स्विस लीक आदि भी सम्मिलित है।

  • पनामा पेपर लीक (2016) : 2.6 टीबी
  • ऑफशोर सीक्रेट लीक (2013) : 260 जीबी
  • स्विस लीक (2015) : 3.3 जीबी
  • विकीलीक (2010): 1.7 जीबी

पनामा पेपर लीक में शामिल बड़े नाम (Panama Papers Leak List Big Name)

जिन 143 राजनेताओं के बारे में इसमें जिक्र किया गया है उनमें से 12 तो अपने देशों के राष्ट्राध्यक्ष हैं। उनके परिवार व नजदीकी लोग इससे जुड़े हैं।

पनामा पेपर लीक में विश्व भर के कई नाम सामने आये. हालाँकि यह नाम अभी पूरे नहीं हुए हैं. पनामा पेपर लीक के अंतर्गत निकले विशेष नाम है।

  • अर्जेंटीना के फुटबॉलर लिओनेल मेस्सी
  • हांगकांग के विश्वप्रसिद्ध जैकी चैन
  • अर्जेंटीना के राष्ट्रपति मौरिसियो मार्की
  • यूनाइटेड अरब अमिरात के खलीफा बिन ज़ायेद एल नहयान
  • युक्रेन के पेत्रोपोरोशेनको
  • चीन के जाने माने नेता जाई जिनपिंग के साले
  • ब्रिटेन के प्रधानमन्त्री डेविड कैमरन के पिता

इनके अतिरिक्त भी कई लोगों के नाम अब तक इस लीक्स में आगे आये हैं। जांच में जो डेटा सामने आया वह साल 1977 से लेकर 2015 तक लगभग 40 सालों का है. पनामा स्थित लॉ फर्म मोसाक फॉन्सेका से लीक हुए इन दस्तावेजों को लेकर दावा किया जा रहा है कि इनमें जिन 500 भारतीय हस्तियों के नामों का जिक्र है.

भारत से - भारत से लगभग 500 लोगों के नाम इस लीक्स के अंतर्गत लोगों के सामने आये हैं, जिनमें कुछ प्रमुख नाम निम्न हैं।

  • अमिताभ बच्चन
  • ऐश्वर्या राय बच्चन
  • के पी सिंह
  • राजनेता शिशिर बाजोरिया और अनुराग केजरीवाल
  • डॉन इकबाल मिर्ची
  • अडानी ब्रदर्स
  • इंडिया बुल्स के समीर गहलोत

आईसीआईजे ने 10 मई 2016 को कर चोरी के सुरक्षित ठिकाने माने जाने वाले देशों में कंपनियां रखने से जुड़ी ‘पनामा पेपर्स’ की विस्तृत जानकारी प्रकाशित की थी। इसमें हजारों दस्तावेज ऐसे हैं, जो भारत के लगभग 2000 लोगों, कंपनियों और पतों से जुड़े हैं। आईसीआईजे ने नेवादा से हांगकांग तक और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में स्थापित लगभग 2.14 लाख विदेशी इकाइयों की गोपनीयता को उजागर करके रख दिया था।

भारत के लोग भावुक होते हैं वो अपने चहेते के लिए जान तक देने के लिए तैयार हो जाते हैं। लेकिन अगर कोई उसके भावना के साथ मजाक करे तो वो उसे उसका स्तर भी दिखा देते हैं। कहीं यही हाल सदी के महानायक और ब्यूटी क्वीन का ना हो, क्योंकि दोनों का नाम इस लीक में शामिल है। ऐसे में जो जनता इनको फलक दिखा सकती है, वो जमीन पर भी लाने में देर नहीं करेगी। जय हिंद।

इस तरह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हुए बड़े बड़े भ्रष्टाचारों में ये भी एक शामिल है, जिसमें कई ऐसे लोग शामिल थे, जिसे आम लोग अपना आदर्श मान कर उनके द्वारा बताये गये मार्ग पर चलने की कोशिश करते हैं. इस मनी लौन्डरिंग के अंतर्गत कई बड़ी बड़ी हस्तियों के काले शान को सफ़ेद किया जा रहा था। कृपया इस पोस्ट को देशहित में शेयर जरूर करें !!

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