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दिल्ली के दर्शनीय स्थल की सूची, घूमे और देखें | Delhi Visiting Places List For Tourist


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कहते हैं दिल्ली दिलवालों की है। सच तो यही है। हो भी क्यों न जब दिल्ली को करीब से देखने का मौका मिला तो मैंने यही जाना। वास्तव में दिल्ली बहुत खूबसूरत है। चाहे चांदनी चौक की सकरी गलियां हो या राजपथ की चौड़ी सड़क। कुतुबमीनार की ऊंची दीवार हो या हरियाली से घिरे खूबसूरत उद्यान। आज भी दिल्ली गिनती विश्वके सुंदरतम नगरों में होती है।.. …

दिल्ली पर्यटन स्थल | Delhi Tourist Places

हमारे देश भारत की राजनैतिक राजधानी हैं –दिल्ली और इसीलिए यह प्रसिद्ध हैं. परन्तु ऐसा नहीं हैं कि इसके प्रसिद्ध होने की केवल यही एक वजह हैं. दिल्ली से भारत का इतिहास जुड़ा हैं. प्राचीन राजाओं, बादशाहों के शासन की अनेक कहानियाँ इस दिल्ली से जुड़ी हैं और अगर वर्तमान की बात करें, तो आप चाहे जिस ओर देख ले, कुछ न कुछ आपको जरुर ऐसा मिलेगा जो दिल्ली से जुड़ा होगा. जिसे देखकर आप अचंभित हो जाएँगी और आपकी नज़रें उस ओर ठहर जाएगी. चाहे वो दिल्ली के राजनैतिक गलियारें हो या व्यवसायिक ख़बरें, दिल्ली की कड़कड़ाती सर्दी हो या यहाँ पर मिलने वाले स्वादिष्ट पकवान. आपको यहाँ पर घूमने फिरने की भी इतनी जगहें मिलेंगी कि आप सोच भी नहीं सकते और इनमें भी सबसे अच्छी बात यह हैं कि यहाँ आपको घूमने के लिए विकल्प भी उपलब्ध हैं अर्थात् आपकी जिन स्थानों को देखने में रूचि हो, जैसे -: आप धार्मिक स्थल घूमना चाहते हैं या प्राचीन इमारतें देखने का शौक रखते हैं, खानपान के शौक़ीन हैं या किसी राजनेता को देखना चाहते हैं; आपके मन – मुताबिक आप यहाँ घूम – फिर सकते हैं और फिर इसीलिए तो कहा जाता हैं इसे -: दिल वालों की… दिल्ली.

दिल्ली में घुमने के लिए बहुत सारी जगहें हैं. दिल्ली में आप कहाँ – कहाँ घूम सकते हैं, उन दर्शनीय स्थलों की सूचि और उनका संक्षिप्त विवरण नीचे दिया जा रहा हैं -:

संसद भवन ( Parliament of India ) : चूँकि दिल्ली हमारे देश की राजधानी हैं, तो यहाँ का प्रथम आकर्षण हैं – देश का संसद भवन. यह एक वृत्ताकार [Circular] इमारत हैं. इसका डिज़ाइन ब्रिटिश आर्कीटेक्ट सर एडविन लुटयेंस और सर हर्बर्ट बेकर द्वारा सन 1912 – 1913 में बनाया गया था. इसका निर्माण सन 1921 से 1927 तक चला और फिर इसे काउंसिल ऑफ़ स्टेट, सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेम्ब्ली और चैम्बर ऑफ़ प्रिंस के रूप में उपयोग किया जाने लगा।

राष्ट्रपति भवन ( RashtrapatiBhavan of India ) : हमारे देश के राष्ट्रपति का निवास स्थान होता हैं – राष्ट्रपति भवन. इसका निर्माण वास्तव में ब्रिटिश काल में गवर्नर जनरल ऑफ़ इंडिया के लिए किया गया था. यह इमारत मुग़ल और भारतीय कला का मिला जुला रूप हैं. साथ ही यहाँ का आकर्षण हैं, सुन्दर फूलों से भरा हुआ बगीचा और विभिन्न और दुर्लभ प्रजातियों के फूल।

कनोट प्लेस ( Connaught Place ) : यह अपनी संरचना के तरीके के लिए प्रसिद्ध हैं. यह देश – विदेश से आने वाले बिज़नेस मेन और टूरिस्टों दोनों ही के लिए मुख्य स्थान हैं।

टूरिस्टों के लिए यहाँ के दर्शनीय स्थानों में से गिनीज़ बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में दर्ज ‘हनुमान मंदिर’ हैं, इसके साथ ही 18वीं सदी की एस्ट्रोनॉमिकल शाला हैं ‘जंतर – मंतर एवं महाराज अग्रसेन की बावली आदि कई स्थान हैं।

वहीँ बिज़नेस के लिए भी यह महत्वपूर्ण हैं, जिसके लिए इसे 2 भागों में बांटा गया हैं और इनके नाम हैं -: इनर और आउटर कनोट प्लेस. जनपथ एक ओपन एयर शौपिंग कॉम्प्लेक्स के रूप में हैं, जो इनर और आउटर कनोट प्लेस को जोड़ता हैं. साथ ही यहाँ ‘पालिका बाज़ार’ भी स्थित हैं. यहाँ आप 3 स्टार, 4 स्टार और 5 स्टार होटल देख सकते हैं।

लोधी गार्डन ( Lodhi Garden ) : सन 1930 में बने इस खूबसुरत बगीचे का नाम लेडी विल्लिंगडन पार्क भी हैं. यह 15वीं और 16वीं सदी की इमारत हैं, जो अपने – आप में खूबसूरत मैदान, फूलों, छायादार वृक्षों और छोटे तालाबों से घिरी होने के कारण एक विहंगम दृश्य दिखाती हैं. एकांत प्रिय और फिटनेस के लिए जागरूक लोगों को यहाँ सुबह और शाम के समय बहुत आनंद आता हैं।

पुराना किला ( Old Fort ) : यह मुग़लकालीन सैन्य संरक्षण की रचनाओं में एक बेहतरीन नमूना हैं. इसका निर्माण महाभारत काल में पांडवों द्वारा किया गया था, जिसका मुग़ल बादशाह हुमायूँ ने पुनः उद्धार करवाया और फिर बाद में शेर शाह सूरी द्वारा इसमें बदलाव किये गये. यह मजबूती से खड़ी एक अनोखी इमारत हैं, जो बाद की मुग़लकालीन इमारतों से भिन्नता रखती हैं, जिसे अपनी सुन्दर सजावट के लिए नहीं, अपितु मजबूती के लिए जाना जाता हैं।

हुमायूँ का मक़बरा( Tomb of Humayun ) : इसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साईट में सम्मिलित किया गया हैं. इसका निर्माण हुमायूँ की मौत के बाद उसकी सबसे बड़ी पत्नि ‘बेगा बेगम’ ने करवाया था. यह भारत में पहला ऐसा मक़बरा हैं, जो एक बाग़ के रूप में बनाया गया हैं. यह मक़बरा बगीचे के बीचों बीच स्थित हैं. बाद में मुग़ल सल्तनत के कई शासकों को इसी मक़बरे के पास दफनाया गया था।

चांदनी चौक ( Chandani Chowk ) : दिल्ली के मुख्य बाज़ारों में से एक हैं – चांदनी चौक, जिसका निर्माण ताजमहल के निर्माता और मुग़ल बादशाह शाह जहाँ ने करवाया था. इसे बनाने के पीछे उसका उद्देश्य यह था कि उसकी बेटी अपनी जरुरत और पसंद की हर चीज इस बाज़ार से खरीद सकें. चांदनी चौक एशिया का सबसे बड़ा थोक बाज़ार [Wholesale Market] हैं. साथ ही यह उत्तर मध्य दिल्ली के सबसे पुराने और सबसे व्यस्त बाज़ारों में से भी एक हैं।

क़ुतुब मीनार ( Qutub Minar ) : दक्षिणी दिल्ली के महरौली में कुतब कॉम्प्लेक्स में स्थित हैं क़ुतुब मीनार, जिसका निर्माण ‘क़ुतुब-उद-दीन ऐबक’ ने कराया था, जिसने सन 1206 में दिल्ली पर कब्ज़ा प्राप्त किया था. यह मीनार लाल पत्थरों से बनी हैं, जिसकी ऊंचाई 72.5 मीटर हैं. क़ुतुब-उद-दीन ऐबक दिल्ली पर मुस्लिम हुकुमत हासिल करने के कारण इसे ‘विजय स्तम्भ [Victory Tower]’ के रूप में बनाना चाहता था. परन्तु उसके द्वारा इस इमारत का केवल पहला माला [1st story] ही बनाया गया, अन्य माले उसके उत्तराधिकारी ‘इल्तुतमिश’ द्वारा और बाद में सफ़ेद संगमरमर [Marble] के अन्य दो माले सन 1368 में ‘फेरोजशाह तुग़लक’ द्वारा बनाये गये. इसके अलावा क़ुतुब मिनार का महत्व इसलिए भी हैं क्योंकि यह भारतीय संस्कृति का इतिहास बताती हैं. यह भारतीय – इस्लामिक कला को दर्शाती हुई एक बेहतरीन इमारत हैं और इस निर्माण कला का एक उत्कृष्ट नमूना हैं।

अक्षरधाम मंदिर ( Akshardham Temple ) : यह विश्व के सबसे बड़े मंदिरों में से एक हैं और लगभग 100 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ हैं. इसका निर्माण अभी हाल ही में सन 2005 में हुआ हैं. मंदिर प्रांगण में ही उच्च तकनीकी के साथ प्रदर्शनी [Exhibition], एक IMAX थिएटर, म्यूजिकल फाउंटेन और फ़ूड कोर्ट की व्यवस्था की गयी हैं।

लक्ष्मिनारायण मंदिर ( Laxminarayan Temple ) : इस मंदिर का निर्माण माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की भक्ति में सन 1933 – 1939 तक बी.आर. बिरला द्वारा करवाया गया था और उस समय इसका उद्घाटन [Inauguration] महात्मा गाँधी द्वारा किया गया था. यह लगभग 7.5 एकड़ में फैला हुआ हैं, यहाँ सुन्दर बगीचा, आदि भी हैं. यहाँ होली और जन्माष्टमी के समय श्रद्धालुओं की बहुत भीड़ रहती हैं।

कैथेड्रल चर्च ऑफ़ रिडेम्पशन ( Cathedral Church of Redemption ) : इसका दूसरा नाम वाइसराय चर्च भी हैं. यह संसद भवन और राष्ट्रपति भवन के पूर्व में स्थित हैं. इसका निर्माण कार्य सन 1935 में करीब 8 सालों में पूर्ण हुआ. इसका निर्माण इस तकनीक से किया गया हैं कि यह तपती गर्मियों में भी ठंडा रहता हैं. यहाँ प्रतिदिन हजारों लोग इसे देखने आते हैं।

इस्कोन मंदिर ( Iskcon Temple ) : दिल्ली के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित यह राधा कृष्ण का मंदिर बड़ा ही सुन्दर हैं, जिसका निर्माण अंतर्राष्ट्रीय आर्किटेक्ट अच्युत कानविंदे द्वारा सन 1991 – 1998 के बीच पूर्ण किया गया, जिसमे लाल पत्थरों का इस्तेमाल किया गया हैं. यहाँ एक शो चलता हैं, जिसमे श्रीमद भागवत गीता का अर्थ समझाया जाता हैं. इस मंदिर का दूसरा आकर्षण बिंदु हैं भगवान श्री कृष्ण की सुन्दर पेंटिंग्स, जो उनके विदेशी भक्तों द्वारा बनाई गयी हैं. इसके अलावा जो लोग वेद पुराण पढने समझने के इच्छुक हैं, उनके लिए भी भक्ति योग के इन्तेजाम किये गये हैं, साथ ही यहाँ के ‘गोविंददास’ रेस्टोरेंट में शुद्ध शाकाहारी भोजन की भी व्यवस्था हैं. यहाँ तक बसों और ट्रेन के माध्यम से आसानी से पहुंचा जा सकता हैं।

जामा मस्जिद ( Jama Masjid ) : मस्जिद–ए-जहां-नुमा को साधारणतः जामा मस्जिद के नाम से जाना जाता हैं. यह पुरानी दिल्ली की मुख्य मस्जिदों में से एक हैं. इसे मुग़ल बादशाह शाहजहां ने सन 1656 में बनवाया था. यह भारत को सबसे बड़ी और बेहतरीन मस्जिदों में शामिल की जाती हैं. इसमें एक बार में लगभग 25000 लोग एक साथ इबादत कर सकते हैं।

लोटस टेम्पल ( Lotus Temple ) : लोटस टेम्पल बहुत ही सुन्दर कलाकृतियों का नमूना हैं. यह दिल्ली के दक्षिणी भाग में स्थित हैं और एक सफ़ेद कमल के फूल के समान दिखता हैं।

नेशनल म्यूजियम ( National Museum ) : यह भारत के सबसे विशाल संग्रहालयों में से एक हैं. यहाँ विभिन्न प्रकार की प्राचीन धरोहरें देखने के लिए संग्रहित की गयी हैं. इसके रखरखाव आदि को सांस्कृतिक मंत्रालय द्वारा वहन किया जाता हैं. यह जनपथ और मौलाना आज़ाद रोड के पास ही स्थित हैं।

जंतर मंतर ( Jantar Mantar ) : महाराज जय सिंह द्वितीय द्वारा दिल्ली में जंतर मंतर का निर्माण कराया गया था. यहाँ 13 आर्किटेक्चरल एस्ट्रोनॉमी इंस्ट्रूमेंट्स रखे गये हैं।

राज घाट ( Raj Ghat ) : पुरानी दिल्ली में यमुना नदी के किनारे स्थित हैं राज घाट. यह हमारे देश के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का समाधी स्थल हैं. यहाँ लगभग सभी जानी मानी हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई हैं. इसके पास ही महात्मा गाँधी के जीवन की यादों को समेटे हुए दो संग्रहालय [Museum] भी बनाये गये हैं।

शांति वन ( Shanti Van ) : यह राज घाट के पास स्थित हैं और इसके नाम के स्वरुप ही यहाँ शांति का अनुभव किया जा सकता हैं. यह वही स्थान हैं, जहाँ हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरु का दाह संस्कार किया गया था. यह स्थान एक सुन्दर बगीचे के रूप में बदल चुका हैं, जिसे यहाँ नेहरूजी को श्रद्धांजलि अर्पित करने आयी हस्तियों ने पौधे बोकर तैयार किया हैं।

इंडिया गेट ( India Gate ) : यह दिल्ली की सबसे खुबसूरत निर्माण कार्यों में से एक हैं. इसका निर्माण उन 90,000 शहीदों की याद में और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए किया गया था, जिन्होंने अफ़ग़ान युद्ध और प्रथम विश्व युद्ध के समय अपने प्राणों की बलि दे दी थी. इसका निर्माण सन 1931 में किया गया था।

लाल किला ( Red Fort ) : भारत में मुग़लों के शासन के प्रतिक के रूप में लाल किले का निर्माण करवाया गया था, जो कि सन 1638 में कराया गया. इस इमारत को मुग़ल शैली में बनाया गया हैं. इसके निर्माण का उद्देश्य हमलों के समय आत्मरक्षा की व्यवस्था करने के लिए किया गया था और इसके लिए किले की दीवारों की ऊँचाई 33 मीटर की रखी गयी थी. यहाँ साउंड और लाइट शो दिखाए जाते हैं, जो करीब एक घंटे का होता हैं और इनमें उन प्राचीन घटनाओं को दर्शाया जाता हैं, जो लाल किले से संबंध रखती हैं. पर्यटकों [टूरिस्टों] के लिए यह सोमवार [monday] को बंद रहता हैं. इसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साईट में भी शामिल किया गया हैं।

इस प्रकार दिल्ली में अनेक स्थान हैं, जिन्हें देखना अपने आप में अलग ही अनुभूति हैं. ऐसे ही कुछ अन्य स्थानों की सूचि नीचे दी जा रही हैं -

क्रमांक

वर्गीकरण [क्लासिफिकेशन] दर्शनीय स्थल का नाम विशेषता
1. प्राचीन किले

[Ancient Forts]

तुग़लकाबाद किला तुग़लक़ों के शासन काल में निर्मित किला.
सलीमगढ़ फोर्ट अब इसका नाम ‘स्वतंत्रता सेनानी स्मारक’ रख दिया हैं और अब ये लाल किले का ही हिस्सा हैं. यहाँ बहादुर शाह ज़फर द्वारा निर्मित बहादुर शाही गेट देखने लायक जगह हैं.
2. मक़बरे

[Tombs]

सफदरजंग का मक़बरा शांत और सुन्दर निर्माण कार्य.
सिकंदर लोधी का मक़बरा लोधी गार्डन में स्थित सन 1518 में बना मक़बरा.
शीशा गुंबद लोधी वंश के अंतिम शासक का मक़बरा.
3. बाग़ – बगीचे

[Gardens]

गार्डन ऑफ़ फाइव सेंसेस दिल्ली की सबसे खुबसूरत जगहों में से एक.

 

हौज खास विलेज और डियर पार्क आधुनिक सुविधाओं से निर्मित विलेज और झील में उपस्थित बत्तख और हंस और दौड़ भाग करते हिरनों को देखने का आनंद. यहाँ फिल्म ‘रॉक स्टार’ के कुछ सीन फिल्माये गये थे.
4. धार्मिक स्थल

[Religious Places]

 

निज़ाम्मुदीन दरगाह भारत के पावन स्थानों में शामिल.
बंगला साहिब गुरुद्वारा सफ़ेद संगमरमर से बना सिख धार्मिक स्थल, यहाँ बना ‘सरोवर’ इसे पूरे साल ठंडा बनाये रखता हैं.
लाल मंदिर श्री दिगंबर जैन लाल मंदिर दिल्ली का सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध जैन मंदिर हैं, जो सन 1658 में बना था. अपनी सुन्दर कलाकृति और लाल पत्थरों से बने होने के कारण यह नाम दिया गया हैं.
सेंट जेम्स चर्च भारत के प्राचीनतम चर्चों में से एक हैं.
कालकाजी मंदिर दिल्ली के दक्षिणी भाग में स्थित प्रसिद्ध मंदिर.
5. बावली

[Baoli]

· अग्रसेन की बावली,

· निज़ाम्मुदीन की बावली

प्राचीन समय में जल संरक्षण हेतु किया गया निर्माण कार्य.
6. बाज़ार

[Markets]

पहाड़गंज लेदर बैग, फूट वियर और सस्ती और खुबसूरत चीजों के लिए प्रसिद्ध.
सरोजिनी मार्केट महँगी परन्तु अच्छी शॉपिंग के लिए प्रसिद्ध.
लाजपत नगर मार्केट एथनिक वियर और स्ट्रीट फ़ूड के लिए प्रसिद्ध.
दिल्ली हाट भारतीय संस्कृति के डांस, म्यूजिक परफॉरमेंस और कपड़ो के लिए प्रसिद्ध.
7. राष्ट्रीय महत्व के दर्शनीय स्थल

[Tourist Places having National Importance]

नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट [NGMA] सुन्दर इमारत और बेहतरीन चित्रकारी के लिए प्रसिद्ध.
नेशनल रेल म्यूजियम चाणक्यपुरी, न्यू दिल्ली में 10 एकड़ क्षेत्रफल में फैला यह स्थान भारतीय रेल्वे की प्राचीन स्मृतियों को संजोये हुए हैं.
नेशनल जूलॉजिकल पार्क विश्व के 1350 जानवरों और 130 प्रजातियों [Species] के साथ 176 एकड़ में फैला हुआ हैं.

कैसे पहुंचे

दिल्ली भारत के सभी प्रमुख शहरों से हवाई, रेल और बस सेवा ये जुड़ा है। दिल्ली विदेशी शहरों की घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों से जुड़ा हुआ है। हते है तो अपनी यात्रा को पांच अलग-अलग समूह में बांट सकते हैं। दिल्ली हमेशा से एक रोचक शहर रहा है जहां एक विश्वव्यापी संस्कृति है। दिल्ली भारत की राजधानी ही नहीं पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र भी है।

दिल्ली आने का सबसे अच्छा वक्त

दिल्ली की यात्रा का सबसे अच्छा वक्त है अक्टूबर से मार्च तक का वक्त। इस दौरान मौसम खुशनुमा होता है। पर्यटक शहर के अलग-अलग नजारों का लुत्फ उठा सकते हैं। गर्मियों में दिल्ली का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इस वजह से पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे गर्मियों में दिल्ली न आएं। उन्हें लू लगने की आशंका ज्यादा रहती है।

दिल्ली में यात्रा कैसे करें

दिल्ली में यात्रा करने के लिए बसें, मेट्रो ट्रेन, ऑटो रिक्शा के साथ ही साइकिल-रिक्शा भी है। टूरिस्ट टैक्सी अन्य राज्यों से परिवहन के लिए हैं, वहीं पीली और काली टैक्सियों का इस्तेमाल दिल्ली में किसी भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचने के लिए किया जा सकता है। यह सुरक्षित तो हैं, लेकिन तुलनात्मक रूप से महंगी सेवा हैं। दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (डीटीसी) बसें शहर के हर इलाके में जाती हैं और यह परिवहन का सबसे सस्ता साधन है। ऑटो रिक्शा भी एक विकल्प हैं।

राजधानी में नए और पुराने का रोचक सम्मिश्रण है। एक ओर आप पुराने वास्तुकला वाले स्थलों का भ्रमण कर सकते हैं, वहीं दूसरी ओर आपको दिल्ली के शानदार मॉल, फ्लाईओवर, आधुनिक सुज्जित ऊंचे भवन और हरित क्षेत्र देखने को मिलेगा।

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