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विश्व स्वास्थ्य दिवस विशेष: विश्व को स्वस्थ बनाने की चुनौती | World Health Day Theme & Information


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कुपोषण और बीमारियों से जूझता हुआ समाज हमेशा राष्ट्र की तरक्की में बाधा बनता है, इसलिए स्वस्थ्य समाज के निर्माण के लिए बेहद ज़रूरी है की हर व्यक्ति खुद को स्वच्छ रखने का संकल्प ले जिससे बीमारियों की रोकथाम हो सके, तभी #WorldHealthDay का मकसद पूरा होगा. …

विश्व स्वास्थ्य दिवस 2017 – World Health Day 2017

वैश्विक स्वास्थ्य के महत्व की ओर बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकृष्ट करने के लिये विश्व स्वास्थ्य संगठन के नेतृत्व में हर वर्ष 7 अप्रैल को पूरे विश्व भर में लोगों के द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। डबल्यूएचओ के द्वारा जेनेवा में वर्ष 1948 में पहली बार विश्व स्वास्थ्य सभा रखी गयी जहाँ 7 अप्रैल को वार्षिक तौर पर विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाने के लिये फैसला किया गया था। विश्व स्वास्थ्य दिवस के रुप में वर्ष 1950 में पूरे विश्व में इसे पहली बार मनाया गया था। डबल्यूएचओ के द्वारा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रकार के खास विषय पर आधारित कार्यक्रम इसमें आयोजित होते हैं।

अच्छी सेहत की बात सभी करते हैं और इसके प्रति काफी हद तक जागरूकता आई भी है। फिर भी कई मामले ऐसे आते हैं जो सोचने पर विवश कर देते हैं। यह कि क्या यही चिकित्सा जगत की उपलब्धि है? रोग का या तो समय पर पता नहीं चल पाना या उसका सही तरह से उपचार नहीं होना कई लोगों को आज भी असमय काल का ग्रास बना रहा है।

रोगों को यदि होने से पहले ही रोक लिया जाए तो कई परेशानियों से निजात पाई जा सकती है। 1948 में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन द्वारा 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाने की जो बात कही गई वह इसलिए आवश्यक थी ताकि भविष्य को रोग मुक्त बनाया जा सके। आइए जानते हैं कुछ रोगों के निदान और उसके प्रति जागरूकता।

स्वास्थ्य के मुद्दे और समस्या की ओर आम जनता की जागरुकता बढ़ाने के लिये वर्षों से मनाया जा रहा ये एक वार्षिक कार्यक्रम है। पूरे साल भर के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिये और उत्सव को चलाने के लिये एक खास विषय का चुनाव किया जाता है। विश्व स्वास्थ्य दिवस वर्ष 1995 के खास विषयों में से एक था वैश्विक पोलियो उन्मूलन। तब से, इस घातक बीमारी से ज्यादातर देश मुक्त हो चुके हैं जबकि दुनिया के दूसरे देशों में इसकी जागरुकता का स्तर बढ़ा है।

विश्व स्वास्थ्य दिवस कैसे मनाया जाता है

लोगों के स्वास्थ्य मुद्दे और जागरुकता संबंधित कार्यक्रम के आयोजन के द्वारा कई जगहों पर विभिन्न स्वास्थ्य संगठनों सहित सरकारी, गैर-सरकारी, एनजीओ के द्वारा विश्व स्तर पर विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। खबर, प्रेस विज्ञप्ति आदि साधन के द्वारा मीडिया रिपोर्ट के माध्यम से अपने क्रियाकलाप और प्रोत्साहन पर भाग लेने वाले संगठन रोशनी डालते हैं। विश्व स्वास्थ्य दिवस के लक्ष्य को पूरा करने के लिये विषयों से संबंधित चर्चा, कला प्रदर्शनी, निबंध लेखन, प्रतियोगिता और पुरस्कार समारोह आयोजित किये जाते हैं।

विश्व स्वास्थ्य दिवस को मनाने का उद्देश्य

तंददुरुस्त रहन-सहन की आदत के प्रोत्साहन और लोगों के जीवन के लिये अच्छे स्वास्थ्य को जोड़ने के द्वारा जीवन प्रत्याशा को बढ़ाने में विश्व स्वास्थ्य दिवस ध्यान केन्द्रित करता है। एड्स और एचआईवी से मुक्त और स्वस्थ दुनिया बनाने के लिये उन्हें स्वस्थ बनाये और बचाने के लिये इस कार्यक्रम के द्वारा आज के जमाने के युवा को भी लक्ष्य बनाया जाता है।

बीमारियों की रोकथाम हो सके और मरीजों को समुचित इलाज की सुविधा मिल सके और इन समाज को बीमारियों के प्रति जागरूक बनाया जाए और उनको स्वस्थ वातावरण बना कर स्वस्थ रहना सिखाया जाए. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पूर्ण स्वस्थ होना ही मानव स्वास्थ्य की परिभाषा है.

इसके कुछ लक्ष्य है कि क्यों इसे वार्षिक तौर पर मनाया जाता है, यहाँ नीचे उपलब्ध है।

  • उच्च रक्त चाप के विभिन्न कारण और बचाव के बारे में जागरुकता को बढ़ाना।
  • विभिन्न बीमारीयों और उनकी जटिलताओं से बचाने के लिये पूरा ज्ञान उपलब्ध कराना।
  • पेशेवर से चिकित्सा का अनुसरण और उनके रक्तचाप को बार बार जाँच करने के लिये सबसे ज्यादा अतिसंवेदनशील लोगों के समूह को बढ़ावा देना।
  • लोगों को खुद का ध्यान रखने के लिये प्रोत्साहित करना।
  • अपने देश में स्वस्थ पर्यावरण को उत्पन्न करने में अपने खुद के प्रयास लगाने के लिये विश्व स्तर पर स्वास्थ्य प्राधिकारियों को प्रेरणा देना।
  • रोग असुरक्षित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को बचाना।
  • यात्रा के दौरान वेक्टर से जन्म लेने वाली बीमारी से कैसे बचा जाये के बारे में यात्री को सिखाना और उनको एक संदेश भेजना।

विश्व स्वास्थ्य दिवस 2017 थीम:'डिप्रेशन लेट्स टॉक'

इस वर्ष का विश्व स्वास्थ्य दिवस डिप्रेसन यानि अवसाद पर केंद्रित है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक दुनियाभर में करीब 30 करोड़ लोग डिप्रेशन से जूझ रहे हैं वहीं भारत में ये आंकड़ा 5 करोड़ से ऊपर है।

डिप्रेशन में ये करें उपाय

  • अवसाद से ग्रसित लोगों के साथ घरवाले अधिक से अधिक समय बिताएं। उन्हें अकेला न छोड़ें।
  • कुछ नया करने के लिए प्रेरित करें।
  • एक्सरसाइज, योग और मेडिटेशन को रोजाना रुटीन में शामिल करें।
  • जरूरत पड़े तो विशेषज्ञ से उसकी काउंसलिंग कराएं।
world-health-day-specialविश्व स्वास्थ्य दिवस थीम
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1950 का थीम था “अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को जानिये”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1951 का थीम था “आपके और विश्व के बच्चों के लिये स्वास्थ्य”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1952 का थीम था “स्वस्थ माहौल स्वस्थ लोगों को बनाता है”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1953 का थीम था “स्वास्थ्य ही धन है”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1954 का थीम था “नर्स: स्वास्थ्य की अगुआ है”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1955 का थीम था “स्वच्छ जल मतलब बेहतर स्वास्थ्य”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1956 का थीम था “बीमारी लिये हुए कीट-पतंगों को खत्म करो”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1957 का थीम था “सभी के लिये भोजन”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1958 का थीम था “स्वास्थ्य प्रगति के 10 वर्ष”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1959 का थीम था “आज की दुनिया में मानसिक बीमारी और मानसिक स्वास्थ्य है”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1960 का थीम था “मलेरिया उन्मूलन- विश्व के लिये चुनौती”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1961 का थीम था “दुर्घटना और उनका बचाव”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1962 का थीम था “दृष्टी को बचाए रखो- अंधेपन से बचाना”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1963 का थीम था “भूख = लाखों की बीमारी”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1964 का थीम था “’टीबी के लिये कोई युद्धविराम नहीं”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1965 का थीम था “बड़ी माता- लगातार चौकन्ना रहें”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1966 का थीम था “पुरुष और उसका शहर”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1967 का थीम था “स्वास्थ्य में सहयोगी”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1968 का थीम था “कल की दुनिया में स्वास्थ्य”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1969 का थीम था “स्वास्थ्य, मजदूरी और उत्पादकता”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1970 का थीम था “कैंसर की पूर्व पहचान जीवन को बचाता है”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1971 का थीम था “मधुमेह के बावजूद एक पूरा जीवन”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1972 का थीम था “आपका दिल आपका स्वास्थ्य है”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1973 का थीम था “घर से स्वास्थ्य की शुरुआत होती है”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1974 का थीम था “तंददुरुस्त विश्व के लिये बेहतर भोजन”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1975 का थीम था “बड़ी माता: दुबारा वापसी गुंजाईश नहीं”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1976 का थीम था “पूर्व ज्ञान अँधेपन से बचाता है”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1977 का थीम था “अपने बच्चों का प्रतिरक्षण और बचाव करें”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1978 का थीम था “उच्च रक्तचाप से नीचे”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1979 का थीम था “एक स्वस्थ बच्चा: एक सुनिश्चित भविष्य”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1980 का थीम था “धुम्रपान और स्वास्थ्य: चुनाव आपका है”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1981 का थीम था “ वर्ष 2000 एडी से सभी के लिये स्वास्थ्य”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1982 का थीम था “वर्षों में जीवन जोड़े”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1983 का थीम था “वर्ष 2000 एडी से सभी के लिये स्वास्थ्य”: गिनती शुरु हो चुकी है।”
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1984 का थीम था “बच्चों का स्वास्थ्य: कल का धन”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1985 का थीम था “स्वस्थ युवा- हमारे बेहतरीन संसाधन”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1986 का थीम था “स्वस्थ जीना: हरेक विजेता है”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1987 का थीम था “प्रतिरक्षण: हर बच्चे के लिये एक मौका”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1988 का थीम था “सभी के स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के लिये सभी”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1989 का थीम था “चलिये स्वास्थ्य के बारे में बात करें”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1990 का थीम था “हमारा ग्रह हमारी धरती: सोचें वैश्विक, कार्य स्थानीय”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1991 का थीम था “क्या आपदा आक्रमण करेगा, तैयार रहें”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1992 का थीम था “दिल की धड़कन: स्वास्थ्य की लय”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1993 का थीम था “ध्यान से जीवन को सँभालें: हिंसा और उपेक्षा से बचाएँ”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1994 का थीम था “एक स्वस्थ जीवन के लिये मौखिक स्वास्थय”
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1995 का थीम था “वैश्विक पोलियो उन्मूलन”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1996 का थीम था “बेहतर जीवन के लिये स्वस्थ शहर”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1997 का थीम था “आने वाला संक्रामक रोग”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1998 का थीम था “सुरक्षित मातृत्व”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 1999 का थीम था “सक्रिय बुढ़ापा अंतर पैदा कर सकता है”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2000 का थीम था “सुरक्षित खून की शुरुआत मुझसे हुई”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2001 का थीम था “मानसिक स्वास्थ्य: बहिष्करण रोकें, उपचार की हिम्मत करें”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2002 का थीम था “स्वास्थ के लिये चलें”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2003 का थीम था “जीवन के भविष्य को आकार दें: बच्चों के लिये स्वस्थ पर्यावरण”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2004 का थीम था “सड़क सुरक्षा”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2005 का थीम था “हरेक माँ और बच्चों की गिनती”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2006 का थीम था “स्वास्थ्य के लिये एक साथ काम करें”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2007 का थीम था “अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2008 का थीम था “जलवायु परिवर्तन के विपरीत प्रभाव से स्वास्थ्य को बचाना”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2009 का थीम था “जीवन बचाएँ, आपात स्थिति में सुरक्षित अस्पताल बनाएँ”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2010 का थीम था “शहरीकरण और स्वास्थ्य: शहर को सेहतमंद बनाएँ”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2011 का थीम था “सूक्ष्मजीवों विरोधी रोक: आज कोई क्रिया नहीं, कल कोई उपचार नहीं”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2012 का थीम था “अच्छा स्वास्थ्य जीवन में और समय जोड़ देते हैं”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2013 का थीम था “स्वस्थ दिल की धड़कन, स्वस्थ रक्तचाप”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2014 का थीम था “वेक्टर से जन्म लेने वाली बीमारी”।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2015 का थीम था “खाद्य सुरक्षा” (5 समाधानों के साथ; समाधान 1: हमेशा सफाई रखें, समाधान 2: पके और कच्चे खाने को अलग रखें, समाधान 3: खाने को अच्छे से पकायें, समाधान 4: खाने को सुरक्षित तापमान पर रखें, समाधान 5: सुरक्षित पानी और कच्चे सामानों का इस्तेमाल करें)।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2016 का थीम है "मधुमेह: रोकथाम बढ़ाना, देखभाल को मजबूत करना और निगरानी बढ़ाना"।
  • विश्व स्वास्थ्य दिवस 2017 का थीम है 'डिप्रेशन लेट्स टॉक'

आज इस दिवस पर आप अपने लिए कुछ संकल्प लें, ताकि जीवन भर आप स्वस्थ और मस्त बने रहें

  • सुबह जल्दी उठें, प्राणायाम करें.
  • तनाव मुक्त रहें, खूब हंसे और हंसाए.
  • मुसीबतों का हिम्मत से सामना करें.
  • खेलकूद में रूचि बढ़ाएं, फलों से दोस्ती करें.
  • दूसरों की मदद करें, यह मन को संतोष देगा.
  • खान-पान के प्रति लापरवाह न रहें और न ही आवश्यकता से अधिक आहार लें.
  • ईश्वर के प्रति आस्थावान रहें.
  • नहाना, खाना और सोना ये तीन काम हमेशा समय से करें.

स्वस्थ रहे ! मस्त रहे !!

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