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Shani Jayanti 2024 : कब मनाई जाएगी शनि जयंती?, जानिए तिथि शुभ मुहूर्त, पूजा विधि मंत्र? | Shani Dev Jayanti Puja Muhurt Mantra | Shani Puja Vidhi & Why Do Worship Of Shani Dev

Shani Puja Vidhi & Why Do Worship Of Shani Dev

Shani Jayanti 2024 Date: ज्योतिष और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से शनि देव की उपासना को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. शनिदेव एकमात्र ऐसे देवता हैं, जिनकी उपासना श्रद्धा भाव के साथ-साथ भय के कारण भी की जाती है. ऐसा इसलिए क्योंकि शनि देव न्याय के देवता है और ज्योतिष शास्त्र यह बताया गया है कि जिस व्यक्ति की कुंडली में शनि की क्रूर दृष्टि होती है, उन्हें कई प्रकार कि समस्याओं का सामना करना पड़ता है. शनिदेव की उपासना के लिए शनिवार दिन के साथ-साथ ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को सबसे फलदाई माना जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसी दिन शनि जयंती पर्व मनाया जाता है. आइए जानते हैं, इस वर्ष कब है शनि जयंती पर्व, शुभ मुहूर्त और महत्व?

शनि जयंती 2024 तिथि शुभ मुहूर्त Shani Jayanti 2024 date auspicious time

ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है। शनि से जुड़े दोषों से मुक्ति के लिए शनि अमावस्या पर शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व होता है। ज्योतिष के अनुसार शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा होने पर व्यक्ति को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शनि के प्रकोप को कम करने के लिए शनि की विशेष अवसरों पर पूजा करने से अटके काम पूरे होते हैं और परेशानियों का अंत भी होता है।

भारत में शनि जयंती पर्व दो बार मनाया जाता है. उत्तर भारत में यह पर्व ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के दिन मनाया जाता है और दक्षिण भारत में शनि देव की विशेष उपासना वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के दिन की जाती है. बता दें कि वैशाख कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 08 मई 2024, बुधवार के दिन पड़ रही है. वहीं ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 05 जून शाम 07:55 से शुरू होगी और इस तिथि का समापन 06 जून शाम 06:07 पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, उत्तर भारत में शनि जयंती पर्व 06 जून 2024, गुरुवार के दिन मनाया जाएगा.

कौन है शनि देव Who is Shani Dev?

शनिदेव सूर्यदेव और माता छाया की संतान हैं। पिता सूर्य के द्वारा माता छाया के अपमान के कारण शनिदेव हमेशा अपने पिता सूर्य से बैर भाव रखते हैं। फलित ज्योतिष में शनि को अशुभ माना जाता है। इनका स्वरूप काला रंग और ये गिद्ध की सवारी करते हैं। इन्हे सभी ग्रहों में न्याय और कर्म प्रदाता का दर्जा प्राप्त है। मकर और कुंभ राशि के स्वामी शनि देव हैं। यह बहुत ही धीमी चाल से चलते हैं। यह एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनि की महादशा 19 वर्षों तक रहती है। मान्यता है शनि देव जिस किसी पर अपनी तिरक्षी नजर रख देते हैं उसके बुरे दिन आरंभ हो जाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें उनकी पत्नी ने शाप दिया था जिस कारण से शनि की नजर को बुरा माना जाता है। वहीं अगर शनि की शुभ दृष्टि किसी पर पड़ जाए तो उसका जीवन राजा के समान बीतने लगता है।

क्यों की जाती है शनिदेव की पूजा

शास्त्रों में कहा गया है जिन जातकों के ऊपर हमेशा कष्ट, गरीबी, बीमारी और धन संबंधी परेशानी होती है उन्हें शनि देव की पूजा जरूर करना चाहिए। शनि देव की पूजा के लिए प्रत्येक शनिवार, शनि अमावस्या और शनि जयंती का दिन काफी महत्वपूर्ण माना गया है। शनि देव पूजा में सरसों के तेल का दीपक जलाने और काली चीजों का दान करने से शनिदोष का प्रकोप कम हो जाता है।

शनि जयंती का क्या है महत्व?

आइए जानते है शनि जयंती 2024 के मौक पर शनिदेव की पूजा और इसका महत्व।

शनि जयंती पर्व के दिन जो व्यक्ति उपवास के साथ-साथ शनिदेव की उपासना करता है, उन्हें जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इसी दिन वट सावित्री व्रत भी रखा जाता है. शनि देव न्याय के देवता हैं और भगवान सूर्य के पुत्र हैं. जिस व्यक्ति की कुंडली में शनि नीच स्थिति में होते हैं, उन्हें शनि जयंती के दिन पूजा-पाठ अवश्य करनी चाहिए. इसके साथ-साथ जिन जातकों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष चल रही है, उन्हें भी शनि जयंती के दिन पूजा-पाठ करनी चाहिए. इससे शनि ग्रह के दुष्प्रभाव को काम किया जा सकता है.

शनि देव की पूजा में क्या करें क्या नहीं Worship of Shani Dev

- शनिदेव की पूजा में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

- शनि देव के विशेष दिनों में मंदिर में जाकर उनके दर्शन जरूर करना चाहिए।

- शनि देव के साथ हनुमान जी के भी दर्शन और पूजा करने से शनि दोष से जल्दी छुटकारा मिलता है।

- शनि देव को तेल और नीला फूल जरूर चढ़ाएं।

- गरीबों को दान करना चाहिए।

 

- शनि की पूजा करते समय सूर्य की नहीं करनी चाहिए।

-कभी भी शनि देव की प्रतिमा के दर्शन करते समय उनकी आंखों में नहीं देखना चाहिए।

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